पाकिस्तानी सरकार का धर्म के नाम पर गंदा खेल, हिंदुओं को फंसाने की रची नई साजिश

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Conversion of poor Hindus for job in pakistan

पाकिस्तान एक ऐसा मुल्क है जो हमेशा से ही हिंदुओं पर अत्याचार करता रहा है. लेकिन जब बात खुद पर आती है तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की गुहार लगाने लगता है. अब पाकिस्तान फिर से ओछी हरकतों को अंजाम देने की कोशिशों में लगा हुआ और हिंदुओं का धर्मांतरण करवाना चाहता है. जी हां, अपनी हरकतों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान की सरकार हिंदुओं पर दबाव बना रही है कि, अगर वह नौकरी चाहते हैं तो उन्हें पहले धर्मांतरण करना होगा. हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने धर्म के नाम पर गंदा खेला हो और हिंदुओं को फंसाया हो.

जबरन इस्लाम धर्म
इसी साल जून में सिंध प्रांत के बदीन में बड़े पैमाने पर हिंदूओं की बस्ती पर बुलडोजर नौकरी के नाम पर चलवाया गया और जबरदस्ती धर्मांतरण कराया गया. जिस पर मुहम्मद असलम शेख (धर्म परिवर्तित) ने कहा, सामाजिक समानता के नाम पर धर्म परिवर्तन कराया गया. शेख के मुताबिक, जो गरीब हिंदू परिवार हैं उनमें हिंदू धर्म को छोड़कर इस्लाम कबूल लेना अब आम बात बन चुकी है. अब एक दिन में 100 लोगों को जबरन इस्लाम धर्म कबूल कराया जा रहा है. जो शेख आज धर्म परिवर्तन कर चुके हैं उनका जून तक असली नाम सावन भील था पर उन्होंने भी पूरे परिवार के साथ हिंदू धर्म त्याग कर इस्लाम कबूल लिया.

गरीब हिंदुओं का शोषण
पाकिस्तान अपनी ओछी हरकतों को आज से नहीं बल्कि उसी दिन से अंजाम दे रहा है जब पाकिस्तान अस्तित्व में आया था. उस वक्त वहां की हिंदू आबादी 20.5 फीसदी थी पर उसके बाद जब 1998 में पाकिस्तानी सरकार ने धर्म के आधार पर जनगणना की तो हिंदुओं की संख्या महज 1.6 फीसदी पाई गई. कई बार ऐसी खबरें सामने आई जिनमें कहा गया कि, पाक में रह रहे अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है. कई लोग ऐसे हैं जो प्रताड़ित होने के बाद वापस हिंदुस्तान आ चुके हैं और उनका कहना है कि, पाक में उनकी बेटियों का शोषण होता है और उन्हें खाने तक को नहीं मिलता. पीटीआई के हिंदू सांसद लाल चंद महली की मानें तो, पाकिस्तान में गरीब हिंदुओं का मस्जिद, चैरिटी और व्यापारी बहुत ही आसानी के साथ शोषण करते हैं और उन्हें हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूलने का लालच तक देते हैं.

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