इमरान खान को मौलाना फजलुर की धमकी, ‘अपनी उल्टी गिनती गिनना करो शुरू’

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही। यहां पर जमीयते उलेमाए इमस्लाम-एफ (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने इमरान खान से इस्तीफा मांगा है। जिस पर पाकिस्तान में जमकर हंगामा हो रहा। मौलाना समय-समय पर इमरान खान को चुनौती दे रहे है। तो अब इमरान खान की सरकार को मौलाना फजलुर रहमान ने चुनौती देते हुए कहा है कि हुक्मरान अब अपने दिन गिनने शुरु कर दें। इतना ही नहीं, उन्होंने तो ये भी कहा है कि वह इस्लामाबाद से ‘ऐसे ही’ वापस नहीं लौटे हैं। इससे साफ है कि मौलाना फजलुर पूरी प्लानिंग के साथ ही इस्लामाबाद में आए है।

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बनू में हुए एक कार्यक्रम में मौलाना फजलुर रहमान ने कहा, ‘शासकों की जड़े कट चुकी है। वे अब अपने दिन गिनने शुरू कर दें। हम इस्लामाबाद बिना वजह नहीं गए थे और न ही वहां से ऐसे ही वापस लौट आए है।’ इसके आगे मौलाना ने कहा कि देश के मौजूदा शासकों का कोई नजरिया नहीं है। इनके पास विरोधियों को गाली देने के अलावा कुछ नहीं है। यह वोट की चोरी कर सत्ता में आए है। हम इन्हें इसकी इजाजत नही दे सकते। हम पाकिस्तान के संविधान की रक्षा के लिए निकले है।

हालांकि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री इमरान खान भी मौलानाओं के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नजर आ रहे है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान इमरान खान ने मौलाना के आंदोलन पर बयान दिया था। इस दौरान इमरान खान ने मौलाना फजलुर रहमान को पैसे लेकर फतवा जारी करने वाला करार दिया था। तो वही उनके धरने को सर्कस बताया था। इमरान खान ने कहा था कि पैसे लेकर फतवे देने वाला मौलाना सियासत कर रहा है। उन्होंने इस्लामाबाद के धरने को सर्कस करार दिया था।

जिसके बाद मौलाना ने भी इमरान खान के इस बयान पर करारा जवाब दिया था। मौलाना ने इमरान पर पलटवार करते हुए कहा था कि ‘हुक्मरान इसे सियासत समझते है। जो खुद गाली गलौच ब्रिगेड तैयार कर रहे है। हम किसी के पीछे छिपने वाले लोग नहीं हैं, हम मैदान में खड़े हैं। आओ, अपने और मेरे चरित्र का मुकाबला करो। मेरे पिता और अपने पिता के चरित्र का मुकाबला करो। मेरे दादा और अपने दादा के चरित्र का मुकाबला करो। इन बातों से सरकारें नहीं चला करतीं। देश को दोबारा चुनाव की तरफ जाना होगा।’

गौरतलब है कि जेयूआई-एफ ने इमरान खान की सरकार के खिलाफ इस्लामाबाद में आजादी मार्च निकाला था। इस दौरान 31 अक्टूबर को इस्लामाबाद को बंद भी रखा गया था। और 31 अक्टूबर से 13 नवंबर तक इमरान खान की सरकार से इस्तीफ की मांग के लिए जमकर धरना दाय था। लेकिन इसके बाद अब जेयूआई-एफ के तमाम कार्यकर्ता अपने अपने इलाके में आंदोलन को आगे बड़ा रहे है। ये भी पढ़ें:- खौफ में हैं पाकिस्तान के मंत्री, भारत की तरफ से सता रहा है इस बात का डर

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