Thursday, January 21, 2021
Home दुनिया चीन की आर्थिक मदद से हो रही कंगाल पाकिस्तान के कर्ज की...

चीन की आर्थिक मदद से हो रही कंगाल पाकिस्तान के कर्ज की अदायगी

दिल्ली। पाकिस्तान की बदहाली और आर्थिक तंगी लगातार बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान का दोस्त भी मदद करके भी लाचार हो चुका है। इमरान खान सरकार इस तरह कंगाल हो चुकी है कि उसके पास दूसरे देशों के कर्ज को वापस चुकाने के लिए पैसे तक नहीं हैं। पाकिस्तान का दोस्त चीन की मदद मात्र कर्ज चुकाने तक ही रह गयी है। माना भी जाता है कि चीन के पैसों की वजह से ही पाकिस्तान हमेशा उसका साथ देता है। पाकिस्तान ने हाल ही में सऊदी अरब से 3 बिलियन डॉलर का कर्ज लिया था जिसे वह चीन द्वारा दी गई इमरजेंसी आर्थिक मदद से वापस चुका रहा है। इस्लामाबाद और रियाद के बीच में काफी समय से रिश्ते भी तनावपूर्ण चल रहे हैं। इसी कारण उसे तत्काल कर्ज की रकम वापस करना पड़ा। पाकिस्तान सरकार ने अभी तक कुल कर्ज में से दो बिलियन डॉलर का कर्ज रियाद चुका दिया है। इस साल की शुरुआत में सऊदी अरब ने पाकिस्तान से कर्ज को वापस चुकाने पर जोर दिया था जिसे चीन से कर्ज लेकर वापस करना पड़ा। दोनों देशों के बीच रिश्तों में उस समय से खटास आ गई है, जब से पाकिस्तान की तुर्की और मलेशिया जैसे देशों से घनिष्ठता बढ़ती जा रही है।

यह भी पढ़ेंः-पाकिस्तान में खौफ, सताया सर्जिकल स्ट्राइक का डर, पाक विदेश मंत्री ने दिया ऐसा बयान

पाकिस्तान की योजना बाकी बचे हुए एक बिलियन डॉलर के कर्ज को अगले साल की शुरुआत तक चुकाने की है। बताया जाता है कि यह केवल कुछ और समय तक के लिए एक प्रमुख आर्थिक समस्या को दूर करने का मामला है। सऊदी का कर्ज तो चुका दिया जाएगा लेकिन किसी और का कर्ज चुकाने का समय तब तक सामने आ जाएगा। इस महीने की शुरुआत में चीन ने 2011 के द्विपक्षीय मुद्रा विनिमय समझौते का आकार बढ़ाकर 10 बिलियन युआन या लगभग 1.5 बिलियन डॉलर कर दिया था। वित्त मंत्रालय और स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के सूत्रों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी थी।

इस सहायता का उपयोग सऊदी अरब को कर्ज चुकाने के लिए पाकिस्तान ने किया है। चीन ने कॉर्मिशियल कर्ज को बढ़ाने के बजाय मुद्रा स्वैप की व्यवस्था को बढ़ा दिया था। ताकि नया 1.5 बिलियन डॉलर का कर्ज पाकिस्तान सरकार की बुक्स में न दिखाई दे। पाकिस्तान ने विदेशी कर्ज चुकाने और अपने विदेशी मुद्रा भंडार को ठीक स्तर पर रखने के लिए 2011 से मुद्रा विनिमय सुविधा का उपयोग किया है। पाकिस्तान की वर्तमान सरकार आर्थिक स्थिति सुधारने में पुरी तरह से फेल हो चुकी है। चीन की मिलने वाली मदद भी उसे और बड़े कर्ज में फंसाती जा रही है।

यह भी पढ़ेंः-पाकिस्तान को तगड़ा झटका, टी-20 से पहले बाहर हुए कप्तान बाबर आजम, जानिए वजह

Most Popular