अगर पाकिस्तान के हाथ ये खजाना लगा, तो तस्वीर बदल सकती है..मिला बड़ा संकेत

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पाकिस्तान इस वक्त आर्थिक तंगहाली से जूझ रहा है. और उसकी हालत इस समय भीख मांगनी जैसी हो गई है. लेकिन कहीं न कहीं पाक को अब अपने अच्छे दिन शुरू होने की एक उम्मीद नजर आ रही है. जिससे उसके आर्थिक हालात सुधर सकते हैं. हाल ही पाक सरकार के मंत्री अब्दुल्ला हुसैन हरून का एक बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिकी कंपनी एक्सॉनमोबिल पाक-ईरान सीमा पर एक बड़े तेल भंडार की खोज कर रहा है. और वो उसके काफी करीब भी पहुंच गया है. तेल और गैस कंपनियों ने अभी तक कराची के समुद्री तटों पर करीबन 5000 मीटर तक खुदाई कर ली है.

इमरान खान ने दिया था संकेत
पाक प्रधानमंत्री इमरान खान जो खुद नहीं समझ पा रहे कि आर्थिक तंगहाली की स्थिति को कैसे खत्म करें उन्होंने भी संकेत दिए थे कि एशिया का सबसे बड़ा तेल और गैस भंडार पाकिस्तान के हाथ लगने वाला है. और इसके साथ उन्होंने अपने देश के नागिरकों से अपील की थी वो सब प्रार्थना करें कि उनकी तेल और गैस के भंडार को लेकर जो उम्मीदें हैं वो सब सच साबित हों. वो बोले अगर हम इसमें कामयाब हो जाते हैं तो पाकिस्तान दुनिया की अलग कतार में आकर खड़ा होगा. और देश की कई सारी परेशानियां भी खत्म हो जाएंगी. फिर पाकिस्तान की तरक्की भी होगी और विकास भी.

10 शीर्ष देशों की सूची में होगा शामिल
पाकिस्तान के अनुमानों के मुताबिक अगर देंखे तो पाक को अगर ये भंडार मिल जाता है तो वो तेल उत्पादक के 10 शीर्ष देशों की सूची में शामिल होगा. और कुवैत से आगे निकल जाएगा. फिलहाल कुवैत विश्व के तेल भंडारों के कुल 8.4 फीसदी तेल भंडारों का मालिक है. ये भी पढ़ेंः- सुषमा स्वराज ने दी पाकिस्तान को चेतावनी नाबालिग हिंदू बेटियों को परिवार के पास वापस भेजो

किसी से तेल मांगने की नहीं पड़ेगी जरूरत
पाक पीएम ये भी बोले कि अगर अल्लाह ने चाहा तो हमारे तेल के भंडार इतने बड़े होंगे कि फिर हमें तेल किसी दूसरे देश से मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी. और अगर पाकिस्तान की ये कोशिश पूरी तरह सफल हो जाती है तो वो चीन और रूस के नेतृत्व वाले शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन वाले संगठन में भी अपना कद ऊंचा कर पाएगा. संगठन में पाकिस्तान 2015 में शामिल हुआ था. ये संगठन वैश्विक तेल भंडार का काफी बड़ा हिस्सा नियंत्रित करता है.