नई दिल्ली। अफगानिस्तान में अशरफ गनी के देश छोड़कर भागने के बाद तालिबान ने सरकार की हर चीज पर कब्जा जमा लिया है। इसमें अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान को दिए गए अत्याधुनिक हथियार, प्लेन, लड़ाकू हेलीकॉप्टर, ड्रोन, और ना जाने कई अत्याधुनिक गाड़ियां शामिल हैं। लगभग एक महीने पहले, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा काबुल को दिए गए सात नए हेलीकॉप्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं। अमेरिका ने 2002 से 2017 के बीच अफगान सेना को 28 अरब डॉलर के हथियार दिए अमेरिका ने 2002 से 2017 के बीच अफगान सेना को 28 अरब डॉलर के हथियार दिए हैं, जिनमें बंदूक, रॉकेट, नाइट विजन गॉगल्स और खुफिया जानकारी जुटाने वाले छोटे ड्रोन शामिल हैं।

2003 से 2016 के बीच अफगान सेना को 208 विमान व हेलीकॉप्टर दिए गए। इनमें से 40 से 50 विमान अफगान पायलट तालिबान हमले के दौरान उज्बेकिस्तान लेकर भागने में सफल रहे। एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने सबसे ज्यादा चिंता तालिबान के हाथ लगे नाइट-विजन गॉगल्स और कम्युनिकेशंस उपकरण हैं। अफगानिस्तान में सैन्य अभियान की देखरेख करने वाली यूएस सेंट्रल कमांड के 2016 से 2019 तक प्रमुख रहे रिटायर्ड जनरल जोसेफ वोटल तालिबान के हाथ लगी मशीन गनों, मोर्टारों और कई हॉवित्जर तोप को वहां के गृह युद्ध में बेहद अहम मान रहे हैं। उनका कहना है कि इस असलहे की बदौलत तालिबान अब तक अपने कब्जे में नहीं आने वाली पंजशीर घाटी में विरोधी गुटों पर एक बढ़त हासिल कर सकता है। 6 लाख इंफेंट्री हथियार, जिनमें घातक एम 16 असॉल्ट राइफल पहुंची तालिबान के हाथ में अमेरिका की तरफ से अफगान बलों को दिए गए 6 लाख इंफेंट्री हथियार, जिनमें घातक एम16 असॉल्ट राइफल और 162,000 संचार उपकरण भी शामिल है, अब तालिबान के कब्जे में हैं।

अमेरिका ने अफगान सेना को 2003 से 16 हजार नाइट-विजन गॉगल्स उपकरण दिए थे, अब इनमें से अधिकतर तालिबान के कब्जे में हैं। जो रात को लड़ने की क्षमता असली गेमचेंजर साबित हो सकती है। वहीं पूर्व अमेरिकी अधिकारियों को अब यह चिंता है कि तालिबान के कब्जे में आए घातक हथियार आम नागरिकों की हत्या में काम आ सकते हैं। यहां तक कि वे आईएसआईएस जैसे दूसरे आतंकी संगठनों तक पहुंच सकते हैं, जो क्षेत्र में अन्य जगह अमेरिका के ही खिलाफ उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामले समिति के सदस्य व शीर्ष रिपब्लिकन सांसद माइकल मैक्कॉल का कहना है कि हम तालिबान लड़ाकों के हाथ में पहले ही अमेरिका निर्मित हथियार देख रहे हैं, जो उन्होंने अफगान सेना से छीने हैं। यह अमेरिका और हमारे सहयोगियों के लिए बड़ा खतरा है।

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