सर्दियों में और उग्र हो सकता है कोरोना वायरस, अमेरिकी विशेषज्ञों की बढ़ी चिंता, कही ये बात

119

चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस देखते-देखते आज पूरी दुनिया को अपने कब्जे में ले चुका है. वहीं इस महामारी की मार से लाखों लोग संक्रमण के शिकार हो चले हैं. आंकड़ों की बात करें तो दुनिया भर में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) के 51.24 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. जबकि 3 लाख से अधिक लोग इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं. वहीं इसकी वैक्सीन अब कर इजाद नहीं हो पाई है. वैज्ञानिकों बड़े पैमाने पर कोरोना वैक्सीन पर शोध कर रहे हैं. लेकिन अभी तक इसका कोई सटीक इलाज नहीं मिल पाया है. बहरहाल इस बीच अमेरिका के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी ने आशंका जताई है कि सर्दियों में कोरोना वायरस का प्रकोप एक बार फिर अपना रुद्र रूप अपना सकता है. जो कि अमेरिका के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है. चूंकि इस वायरस से एक चौथाई मौतों का आंकड़ा सिर्फ अमेरिका का है तो ऐसे में ये एक चिंता का विषय है।

ये भी पढ़ें:-कोरोना वैक्सीन बनने की है 50 फीसदी उम्मीद, ऑक्सफोर्ड वैज्ञानिक ने परीक्षण में कही ऐसी बात

फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक, अमेरिका की सरकारी संस्था सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) के प्रमुख डॉक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड ने कहा है कि जिस प्रकार से दक्षिणी गोलार्ध में कोविड 19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. उससे यही आशंका है कि यह शरद ऋतु और सर्दियों में अमेरिका में फिर चरम पर चौट सकता है. जिसका सामना करना बेहद मुश्किल हो सकता है।

dr robert

डॉ रॉबर्ट ने कहा, ‘हमने इस बात के प्रमाण देखे हैं कि ये पहले फ्लू की तरह दक्षिणी गोलार्ध में जाएगा, जैसे कि अभी ये ब्राजील में है. जब दक्षिणी गोलार्ध में इसका प्रकोप पूरा होगा तो मुझे आशंका है कि ये फिर उत्तरी गोलार्ध की ओर बढ़ेगा.

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन के दस्तावेजों के मुताबिक कहा गया है कि 2021 में जून-जुलाई महीने तक कोरोना वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पाएगी. वहीं यह भी आशंका जताई गई है कि कोरोना एक बार फिर गंभीर रूप से फैल सकता है. अमेरिकी सेना के लीक हुए दस्तावेजों से ये खुलासा हुआ है. मगर इस बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.

covid

अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि अमेरिका को अगले कुछ महीनों में महामारी की पहचान करने की अपनी क्षमता बढ़ानी होगी. अगर ऐसा नहीं होता है तो तब संकट पैदा हो जाएगा जब कोविड-19 और मौसमी फ्लू दोनों का खतरा एक साथ सामने आ जाएगा. उल्लेखनीय है कि डॉ रॉबर्ट के अनुसार कोरोना वायरस ने अमेरिका को घुटनों पर ला दिया है. सच्चाई ये है कि ये किसी एक व्यक्ति का दोष नहीं है. अमेरिका कई दशकों से इस तरह के संकट के लिए तैयार नहीं था. जिसका खामियाजा आज भुगतना पड़ रहा है।

ये भी पढे़ं:-भारत को अमेरिका का साथ मिलने पर बौखलाया चीन, अब कर रहा है सीमा पर ऐसी हरकत