इन लोगों को नहीं दी जाएगी कोरोना की वैक्सीन, रूस ने सुनाया फरमान

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दुनिया में कोरोना महामारी से चारों और त्राहिमाम-त्राहिमाम की पुकार सुनाई पड़ रही है, हर कोई इस महामारी से छुटकारा पाने की कयास लगाए बैठा है। हालांकि कई देशों में बड़े पैमाने पर कोरोना वैक्सीन पर काम चल रहा है। हाल ही में रूस सरकार ने दावा किया है कि उन्होंने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना ली है, और उसे स्वास्थ्य मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद रजिस्टर भी करा लिया गया है। रूस का कहना है कि सबसे पहले वह इस वैक्सीन का टीका अपने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व टीचरों को देगा. जो इस महामारी में कोरोना वॉरियर का काम कर रहे हैं। इस बीच खबर आ रही है कि इस कोरोना वैक्सीन को 18 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को लगाने की इजाजत रूसी वैज्ञानिकों ने नहीं दी है। डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी यह वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी।

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Fontanka न्यूज एजेंसी ने रूस के सरकारी दस्वावेजों के आधार पर प्रकाशित रिपोर्ट में कहा है कि 18 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को इसलिए वैक्सीन नहीं लगाई जाएंगी क्योंकि इन लोगों पर पड़ने वाले असर को लेकर फिलहाल पूरी जानकारी मौजूद नहीं है यानी इस पर अभी स्टडी नहीं की गई है।

दरअसल रूस द्वारा बनाई गई इस वैक्सीन को अभी WHO की तरफ से मंजूरी नहीं दी गई है, जबकि रूस यह दावा कर रहा है कि इस वैक्सीन का असर कोरोना वायरस पर पड़ता है। बता दें कि मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऐलान किया था कि रूस से सफल कोरोना वैक्सीन बना ली है. लेकिन दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने चिंता जाहिर की है क्योंकि रूसी कोरोना वैक्सीन का फेज-3 ट्रायल नहीं किया गया है।

वहीं वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है या नहीं, इसके लिए दुनियाभर के एक्सपर्ट फेज-3 ट्रायल को अहम बताते हैं. WHO का भी कहना है कि फेज-2 और फेज-3 ट्रायल के बाद ही वैक्सीन के सफल या असफल होने का पता चल सकता है। ऐसे में यह वैक्सीन कितनी सफल होगी यह फेज-3 के ट्रायल के बाद ही पता चल सकेगा। मालूम हो कि रूसी राष्ट्रपति ने

इस वैक्सीन का टीका अपनी बेटी को भी लगाया था, जिन्हें काफी बुखार की परेशानी थी, लेकिन टीके के बाद वह दो दिन में बिल्कुल स्वस्थ्य हो गईं। इस बात को पुतीन ने खुद मीडिया के सामने कहा था। हालांकि पुतीन का कहना है कि इस वैक्सीन का प्रोडक्शन अगले महीने से पूरी दुनिया के लिए बढ़ाया जाएगा।

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