कर्ज जाल में ढह गई चीन की अर्थव्यवस्था, अब तंगी के चलते फैलाए हाथ, नहीं दे रहा कोई साथ!

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दुनियाभर में कर्ज देने के नाम पर डींगे हांकने वाला चीन आज खुद ही अपने बुने जाल में फंस गया है. दरअसल कोरोना वायरस के चलते चीन की अर्थव्यवस्था भी ‘स्वाहा’ होती दिख रही है, चूंकि जिस पैसे का घमंड चीन वर्षों से करता आया है. आज वही उसे कंगाली की कगार पर ले आया है. बता दें कि चीन का महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट BRI जिस पर उसकी अर्थव्यवस्था की नींव टिकी थी, उसपर संकट के बादलों का घेराव है, चूंकि यह वही (BRI) बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव प्रोजेक्ट है जिसके तहत चीन ने लाखों-करोड़ों डॉलर कई देशों को कर्ज दिया है. अब ऐसे में जहां चारों ओर कोरोना महामारी का जाल बिछा हुआ है तो कंपनियां भी कर्ज लौटाने को आना-कानी कर रही हैं, क्योंकि अधिकांश देशों में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है. जिससे आर्थिक गतिविधियों पर ब्रेक लग गई है. कहा जा रहा है कि जिस कोरोना वायरस को फैलाने में चीन का हाथ है अब वही कोरोना चीन के लिए जी का जंजाल बना हुआ है. दुनियाभर में करोड़ो रुपए निवेश कर चुका चीन आज खुद की अर्थव्यवस्था को बचाने में भी सक्षम नहीं है.

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दरअसल चीन के (BRI) बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव प्रोजेक्ट के तार कई देशों से जुड़े हैं, जिनसे चीन कर्ज के नाम पर मुनाफा कमाता है. हालांकि इस बार कोरोना ने ऐसा डंक मारा कि सारा बंटाधार ही हो गया. यहां तक की खुद चीन भी इसका शिकार हो चला है. अब पाकिस्तान समेत कई देशों ने इस प्रोजेक्ट के लिए चीन द्वारा दिए गए कर्ज को चुकाने के लिए लगभग 10 साल से भी अधिक का समय मांगा है.

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एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को देखते हुए अन्य देश भी कर्ज की रकम देने में देरी कर रहें हैं, वहीं इस कई देशों में तो कर्ज की रकम को माफ करने की बात कही जा रही है.

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बता दें कि बीजिंग ने 40 अफ्रीकी देशों में 5 ट्रिलियन से ज्यादा का कर्ज दे रखा है. जो अब डूबने के कगार पर आ गए हैं. यानि अब चीन को कोरोना वायरस की वजह से ही अपने कर्ज़ को पुनः प्राप्त करने में और अधिक समय लगने वाला है, लेकिन इसकी भी निश्चितता नहीं है चूंकि अब कई देश चीन के कर्ज़ जाल की कूटनीति को समझ चुके हैं. यही BRI प्रोजेक्ट के डूबने की वजह बन रही है. कई देशों पर आए कोरोना संकट के चलते चीन को बड़ा झटका लगा है.

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