लद्दाख सीमा के पास चीन ने तैनात किए अपने बॉम्बर एयरक्राफ्ट, भारत के राफेल से नहीं खतरनाक!

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लद्दाख सीमा पर पिछले तीन महीनों से दोनों देशों की सेना आंधी हो या तूफान एक ही पॉजिशन में खड़ी हुई है, लेकिन सवाल यह है कि चीन आखिर चाहता क्या है?, क्या है चीन की मंशा?, यह सवाल इसलिए भी करना लाजमी है चूंकि जिस गलवान घाटी पर चीन की लालची नजर बनी हुई है. हकीकत में वह भारत का ही हिस्सा है. या तो आप गूगल करें या फिर नक्शे को देखें भारत की सीमा पर बनी है गलवान घाटी. लेकिन चीन क्यों इस पर जबरन कब्जा करने की फिराक में है?. तो उसके पीछे की कई वजह हैं. दरअसल गलवान घाटी से पैंगोंग झील की और बन रही सड़क पर भारत ने कंस्ट्रक्शन तेज कर दिया है. जो चीन को पच नहीं रहा. चीन चाहता है कि भारत किसी तरह यह कंस्ट्रक्शन रोके क्योंकि इससे उसको फायदा है, लेकिन भारत कभी यह गलती नहीं करेगा. चूंकि जिस सड़क को भारत तैयार कर रहा है. उसे सुरक्षा के लिहाज से तैयार किया जा रहा है।

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भारत कभी भी अपनी प्रभुता और अखंडता पर आंच नहीं आने देगा. इसलिए दोनों देशों के बीच तनाव सातवें आसमान पर है। वहीं इस बीच खबर आ रही है कि चीन ने अपने बॉम्बर एयरक्राफ्ट भी तैयार करने शुरू कर दिए हैं. चीन की इस नापाक इरादे का एक बार फिर से भंडाफोड़ हुआ है, सैटेलाइट द्वारा ली गई कुछ तस्वीरों से चीन के खतरनाक मंसूबों के बारे में पता चला है।

बात करें इस एयरबस की लद्दाख से दूरी की तो यह करीब 600 किलोमीटर है. ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि चीन ने अपने इन सैन्य हथियारों और विमानों को भारत के साथ चल रहे सीमा विवाद की वजह से लगाया है. ये बॉम्बर परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखते हैं और इनकी मारक क्षमता 6000 किमी तक है।

ओपन इंटेलिजेंस सोर्स Detresfa ने ट्वीट कर सैटलाइट इमेज जारी किए हैं जिसमें काशगर एयरबेस पर चीन के रणनीतिक बॉम्बर और दूसरे आधुनिक और खतरनाक हथियार भी तैनात दिख रहे हैं. सैटलाइट तस्वीरों में दिखाया गया है

कि इस बेस पर 6 शियान एच-6 बॉम्बर हैं जिनमें से दो पेलोड के साथ हैं. इनके अलावा 12 शियान जेएच-7 फाइटर बॉम्बर हैं जिनमें से दो पर पेलोड हैं. वहीं, 4 शेनयान्ग जे 11/16 फाइटर प्लेन भी हैं जिनकी रेंज 3530 किलोमीटर है। लेकिन भारत के राफेल के आगे यह बॉम्बर बेकार हैं. चूंकि राफेल एक बार में 3700 किलोमीटर की रेंज में उड़ान भर सकता है।

लेकिन ऐसे में अजीब बात यह है कि चीन एक तरफ तो शांति वार्ता की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ चोरी-छिपे इन हथियारलैस विमानों को तैनात कर रहा है. लेकिन चीन के झांसे में अब भारत आने वाला नहीं है. इसको देखते हुए भारत

ने भी सीमा पर राफेल, चिनूक, अपाचे हेलीकॉप्टरों से आसमानी निगहबानी बढ़ा दी है. वहीं रक्षा मंत्रालय की तरफ से साफ निर्देश दिए जा चुके हैं कि चीन की हरकत का अब करारा जवाब देना है, दुश्मन कितना भी आंख दिखाए भारत हमेशा से अखंड़ रहा है और रहेगा।

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