कोरोना संकट के बीच भारत के समर्थन में उतरा अमेरिका, चीन की ‘दादागिरी’ पर दिया मुंहतोड़ जवाब

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चीन से शुरु हुआ कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में तनाव है। एक तरफ दुनिया के तमाम देश कोरोना वायरस जैसी महामारी का सामना कर रहे है तो वही दूसरी तरफ दूसरी तरफ इस महामारी की वजह से कई देशों के निशाने पर चीन आ गया है। अमेरिका और चीन के बीच भी तनाव बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते दोनों देशों में जमकर बयानबाजी हो रही है। सोमवार को ही चीन ने भारत को धमकी दी थी। इस दौरान चीनी सरकार ने भारत से अमेरिका-चीन विवाद में ट्रंप सरकार का साथ देने पर बुरा अंजाम भुगतने की बात कही थी लेकिन अब चीन की इस धमकी का अमेरिका ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। अमेरिका ने चीन से कहा है कि उसे दुनिया के अन्य देशों पर धौंस जमाने की रणनीति को छोड़ना होगा।

दरअसल अमेरिका के एक सीनियर कांग्रेससैन और विदेशी मामलों के पैनल के हेड इलियट एल एंजेल ने कहा है अब चीन को पड़ोसी देशों की इज्जत करना सीख लेना चाहिए। अमेरिका विदेश मंत्रालय भी भारत-चीन सीमा पर जारी टेंशन को लेकर चिंतित है। चीन का व्यवहार धौंस जमाने वाला है और हम इससे अपेक्षा करते है कि वो अपनी इन हरकतों को छोड़कर पड़ोसी देशों के साथ मुद्दे डिप्लोमेसी के जरीए हल करने में जोर देगा। कोरोना संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे है ऐसे में भारत-चीन पर तनाव का माहौल पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। वहीं इसके आगे इलियट ने सलाह देते हुए कहा कि चीन को अंतरराष्ट्रीय सीमा कानूनों का पालन करना चाहिए और अगर कोई समस्या या विवाद भी है तो सुलझाने की कोशिश करना चाहिए।

वहीं इस दौरान इलियट ने कश्मीर मुद्दे पर भी अमेरिका का रूख साफ किया। उन्होंने कहा कि कश्मी मुद्दे पर अमेरिका की स्थिति एकदम साफ रही है ये भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है इसलिए उन्हें ही बातचीत करके सुलझाना चाहिए। अमेरिका इस मामले पर सिर्फ बातचीत के लिए माहौल तैयार कर सकता है। हालांकि इस दौरान इलियट ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए ये भी कहा कि पाकिस्तान को अपनी जमीन पर चल रहे आतंकी कैंप के लिए पहले सख्त कदम उठाने चाहिए, और फिर कश्मीर की बात करनी चाहिए।

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