डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को दिया झटका, लाखों श्रमिकों के साथ होगी नाइंसाफी!

58
Donald trump

नवंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव (Election of American President) होने में है। ऐसे में वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिका को लुभाने के लिए चाल चलते नजर आ रहे हैं। चुनाव जैसे जैसे करीब आ रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप कई फैसले लेते नजर आ रहे हैं। अब डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसकी वजह से भारत को झटका लग सकता है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा को लेकर नया आदेश जारी किया है जिसमें प्रशासन ने दूसरे देशों के कुशल श्रमिकों को दिए जाने वाले वीजा (Visas) की संख्या घटाने का फैसला किया है।

यह भी पढ़े- अलर्ट! LOC पर एक साथ दिखे पाक व चीनी सैनिक, रच रहे ये बड़ी साजिश, सतर्क हुई भारतीय सेना 

अमेरिकी सरकार का ये फैसला कोरोना महामारी के चलते उठाया गया है। ट्रंप के मुताबिक, एच-1बी वीजा को लेकर लिया गया ये फैसला अमेरिकी जनता के हित के लिए लिया गया है। कोरोना महामारी के चलते लाखों अमेरिकियों की नौकरी हाथ से चली गई जिसके चलते ट्रंप सरकार ने ये फैसला लिया। राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले को चुनाव जीतने के लिए एक खेल है। वह इससे अमेरिकियों को लुभाने की कोशिश में लगे हैं।

बता दें कि, H-1B वीजा हर साल 85,000 प्रवासियों को दिया जाता है, जिसमें भारतीय और चीन के प्रोफेशनल्स की तादाद सबसे ज्यादा होती है। भारत और चीन पर अमेरिका के इस फैसला का प्रभाव काफी हद तक पड़ेगा। होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (DHS) के कार्यवाहक उप सचिव केन क्यूकेनेली के मुताबिक, डीएचएस का अनुमान है कि लगभग एक तिहाई एच-1बी आवेदकों को नए नियमों के तहत वीजा से वंचित रखा जाएगा।

सरकार के इस कदम के बाद श्रम नियमों के तहत एच-1बी और अन्य पेशेवर वीजा वाले कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी की व्यवस्था की जाएगी। अब तक यह आरोप लगते रहे हैं कि H-1B वीजा के माध्यम से कंपनियां सस्ते में विदेशियों को हायर कर लेती हैं जिससे अमेरिका में रहने वालों को नौकरी नहीं मिल पाती है। लेकिन अब कंपनियों को स्थानीय लोगों को न केवल प्राथमिकता देनी होगी बल्कि वेतन आदि के मुद्दे पर भी खास ख्याल रखना होगा। इससे लाखों भारतीय को नुकसान होगा।

यह भी पढ़े- हाथरस केस: साजिश का पर्दाफाश, जातीय दंगे भड़काने के लिए मॉरिशस से की गई थी 50 करोड़ की फंडिंग