अलर्ट! चीन ने की भारत को चौतरफा घेरने की तैयारी, दर्जन भर देशों में बना रहा है सैन्य अड्डे, देखें पूरी लिस्ट

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LAC पर चीन और भारत के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। चीन की सेना लगातार भारतीय हिस्से में घुसपेठ करने की कोशिश कर रही है। हाल ही में शनिवार देर रात भी चीन ने भारत के हिस्से में घुसने की कोशिश की। लेकिन चीन ही हर चाल का भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। इसी बीच अमेरिका की तरफ से एक रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें भारतीय सेना को अलर्ट पर रहने के संकेत दिए गए है। इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि चीन भारत को चौतरफा घेरने का प्लान बना रहा है। जिसके चलते चीन भारत के तीनो पड़ोसी देशों से साथ मिलकर कई मजबूत सैन्य ठिकाने बनाने में जुटा है ताकि चीन लंबी दूरी से अपना दबदबा बना सके।

भारत को चौतरफा घेरने की तैयारी
दरअसल अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें दावा किया गया है कि भारत के तीन पड़ोसी देशों समेत करीब एक दर्जन देशों में चीन मजबूत सैन्य ठिकाने स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। ऐसा करके चीन लंबी दूरी से भी अपना सैन्य दबदबा बनाए रखना चाहता है। भारत को घेरने के लिए चीन पाकिस्तान, श्रीलंका और म्यांमार में सैन्य अड्डे बना रहा है। इसके अलावा थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, सेशल्स, तंजानिया, अंगोला और तजाकिस्तान में चीन अपने ठिकाने बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। बता दें कि पेंटागन ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट ‘मिलिट्री एंड सिक्योरिटी डेवलपमेंटस इंवॉल्विंग द पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) 2020’ अमेरिकी कांग्रेस को सौंपी। जिसमें इस बात का खुलासा किया गया था।

अमेरिका ने जताई चिंता
पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि चीनी मजबूती से अपने सैन्य ठिकाने बना रहा है। जिसका उद्देश्य नौसेना, वायु सेना और जमीनी बल के कार्यों को और मजबूती प्रदान करना है। इस रिपोर्ट में कहा गया, ‘वैश्विक पीएलए (पीपल्स लिबरेशन आर्मी) के सैन्य अड्डों का नेटवर्क अमेरिकी सैन्य अभियानों में हस्तक्षेप कर सकता है और पीआरसी के वैश्विक सैन्य उद्देश्यों के तहत अमेरिका के खिलाफ आक्रामक अभियानों का समर्थन कर सकता है।’ इसके आगे कहा गया कि चीन ने नामीबिया, वनुआतू और सोलोमन द्वीपों पर पहले से ही अपना कब्जा जमा लिया है।

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चीन के हथियारों की संख्या
वहीं, इस रिपोर्ट में चीन के हथियारों के जखीरे के बारे में बताया गया है। जिसे चीन लगातार बढ़ा रहा है। चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पास अभी करीब 200 परमाणु हथियार है लेकिन चीन आने वाले समय में जमीन, पनडुब्बियों और हवाई बॉम्बर से दागी जाने वाली मिसाइलों के जखीरे का इजाफा करेगा। इतना ही नहीं, चीन के पास परमाणु वाहक एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल नहीं है। जिसे भी चीन बनाने में जुटा है। रिपोर्ट में कहा गया कि चीन आने वाले 10 साल में अपनी परमाणु ताकत का विस्तार करेगा और अपने हथियारों को करीब दोगुना कर देगा।

वैश्विक पावर बनना चाहता है चीन
पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बीजिंग अपने विकास के लिए वैश्विक परिवहन और व्यापार संबंधों का विस्तार करने और अपनी परिधि तथा उसके बाहर देशों के साथ अपने आर्थिक एकीकरण को गहना करने की राष्ट्रीय कायाकल्प की अपनी रणनीति को सफल बनाने के लिए ‘एक सीमा एक सड़क’ का सहारा लेता है। वहीं, आखिर में पेंटागन की इस रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि चीन वैश्विक सुपर पावर बनना चाहता है जिस वजह से वह ऐसा काम कर रहा है।

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चीन की चिंता
हालांकि, दूसरी तरफ चीन ने अमेरिका की इस रिपोर्ट पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि ये पहली बार है जब अमेरिका ने चीन के हथियारों की संख्या दी है। डिप्टी असिस्टेंट डिफेंस सेक्रेटरी फॉर चाइना चैड स्ब्रागिया ने बताया है कि पहली बार अमेरिका ने चीन के हथियारों की संख्या सार्वजनिक की है। उन्होंने कहा है कि हथियारों की संख्या के साथ-साथ चिंता का विषय यह भी है कि चीन का परमाणु विकास किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।