दुनिया को कोरोना वायरस से बचाने के लिए 5 लाख से ज्यादा शार्क होंगे कुर्बान!

42
shark corona vaccine

दुनिया का हर कोना आज कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से परेशान है। इस महामारी की चपेट में आने से लोग बीमार हो रहे हैं, और कई लोग मारे जा रहे हैं। दुनियाभर की साइंटिस्ट कोविड-19 की वैक्सीन (Covid-19 vaccine) बनाने की जद्दोजहद में लगे हैं। इस बीच महासागरों से शार्क (Shark) की कमी आंकी जा रही है और इसके पीछे वजह है कोरोना वायरस। हालांकि, शार्क की कमी वायरस का उन तक पहुंचना नहीं बल्कि शार्क का इस महामारी के इलाज में मदद है। दरअसल, कई रिसर्च में दावा किया गया है कि शार्क कोरोना की वैक्सीन बनाने में लाभदायक है।

यह भी पढ़े- बाबरी मस्जिद के फैसले पर स्वरा भास्कर ने कसा तंज, तो ऋचा चड्ढा ने ऐसे निकाली भड़ास, देखें ट्वीट

5 लाख शार्क होंगे कुर्बान
शार्क का कोरोना वैक्सीन में मदद के कारण उन्हें कुर्बान किया जा रहा है। कोविड वैक्सीन तैयार करने के लिए दुनिया भर में शार्क का तेजी से शिकार किया जा रहा है। शार्क संरक्षण के लिए काम करने वाले एक ग्रुप का मानना है कि वैक्सीन तैयार करने की होड़ में दुनिया भर में पांच लाख से ज्यादा शार्क को मौत के घाट उतारा जा सकता है। आप सोच रहे होंगे कि आखिर कोरोना वैक्सीन में शार्क कैसे काम करेगा।

शार्क कोरोना वैक्सीन में लाभदायक
शार्क एक विशाल और ताकतवर मछली होता है जो समुद्रों में पाया जाता है। शार्क का लीवर काफी बेहतर होता है और पचनशील होता है। अधिकांश टीकों के लिए औषधीय या प्रतिरक्षाविज्ञानी एजेंट Adjuvant की जरूरत है जोकि शार्क के लीवर में पाया जाता है। Adjuvant वैक्सीन की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। यही वजह है कि लोग शार्क का इस्तेमाल कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में कर रहे हैं और शार्क का शिकार किया जा रहा है।

Adjuvant के इस्तेमाल की घोषणा
ग्लेक्सोस्मिथक्लाइन (GlaxoSmithKline) ने पहले ही अपने टीकों में Adjuvant के इस्तेमाल की घोषणा कर दी है। कंपनी ने 1 बिलियन टीकों के उत्पादन का टार्गेट फिक्स कर रखा है। शार्क अलाइज के मुताबिक, केवल अमेरिका में वैक्सीन के लिए 21,000 शार्क को मारा जाएगा। कुल मिलाकर पांच लाख शार्क की हत्या हो सकती है।

यह भी पढ़े- गजब: कंपनी का अनोखा निर्माण, मौत के बाद जीवन देने वाला बनाया ‘ताबूत’, जानें इसकी खासियत