पास हुई भारत की ‘Covaxin’ पहले फेज के क्लीनिकल ट्रायल में मिली बड़ी सफलता!

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पूरी दुनिया कोरोना काल का संकट जूझ रहा है, चीन के वुहान से जन्मा कोरोना वायरस की मार लोगों को झेलनी पड़ रही है। वहीं इस महामारी से निपटने के लिए कई देशों में कोरोना वैक्सीन पर रिसर्च चल रही है। अब इस महामारी से एक ही चीज बचा सकती है, वो है कोरोना की वैक्सीन। जी हां, कोरोना की वैक्सीन को लेकर विभिन्न देशों में क्लीनिकल ट्रायल अपने अंतिम चरण में है। हाल ही में रूस ने दावा किया था कि कोरोना की वैक्सीन तैयार कर ली गई है, जिसे सुचारू रूप से 1 महीने के बाद मार्केट में उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि उससे पहले यह वैक्सीन वह अपने देश की हेल्थ टीम, टीचर्स को मुहैया कराया। चूंकि इन लोगों ने कोरोना काल में कोरोना वॉरियर का काम किया है। इसलिए पहला हक इनका बनता है। वहीं इस बीच खबर आ रही है कि भारत बायोटेक- आईसीएमआर द्वारा बनाई जा रही Covaxin का पहले फेज के क्लीनिकल ट्रायल में सफलता हाथ लगी है।

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बताया जा रहा है कि डॉक्टरों ने इस वैक्सीन के ट्रायल के लिए करीब 12 शहरों में 375 वॉलंटियर्स को इसका डोज दिया था। ट्रायल के शुरुआती नतीजों के बाद कहा गया है कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। इस वैक्सीन के डोज का उनपर

कोई साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिला है। इसे भारत की बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि भारत बायोटेक और जायडस कैडिला की वैक्सीन का छह शहरों में ह्यूमन ट्रायल चल रहा है।

पीजीआई रोहतक में चल रहे ट्रायल की टीम लीडर सविता वर्मा ने कहा, ‘वैक्सीन सुरक्षित है। हमने जितने भी वॉलंटियर्स को यह वैक्सीन लगाई है उनमें से किसी को भी विपरीत असर नहीं हुआ है।’ वॉलंटियर्स को अब दूसरी डोज देने की तैयारी चल रही है। उससे पहले जांचकर्ता वॉलंटियर्स के ब्लड सैंपल कलेक्ट कर रहे हैं, ब्लड सैंपल की जांच से वैक्सीन की प्रतिरक्षा (इम्युनॉजेनिसिटी) का परीक्षण किया जाएगा।

सविता वर्मा का कहना है कि इस वैक्सीन के पहले फेज में हुए क्लीनिकल ट्रायल में कोई साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिला, हालांकि अब देखना होगा कि यह दूसरे चरण में कितनी प्रभावी हो सकती है। उसके लिए लोगों के ब्लड सैंपल भी लिए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे पहले तो इस वैक्सीन का सफल क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा, हालांकि इस दौरान सब कुछ ठीक रहता है तो उम्मीद की जा रही है ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया अगले साल के छमाही में इस वैक्सीन को  उपलब्ध करा सकता है।

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