इन 7 देशों में बनकर तैयार हो रही है कोरोना वैक्सीन, जानें इसकी कीमत और लॉन्चिंग डेट

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दुनियाभर में कोरोना महामारी का दंश झेल रहे लोगों को बस अब एक ही उम्मीद है, कि कब कोरोना की वैक्सीन तैयार हो? और हमें निजात मिले. चूंकि जिस तरीके से कोरोना वायरस ने दुनिया में चोट पहुंचाई है, उसका जख्म अभी भी हरा-भरा है। करीब दो करोड़ तीस लाख से अधिक लोग इस महामारी से बुरी तरह ग्रसित है, हैरानी की बात यह है कि प्रतिदिन मौत का ग्राफ भी बढ़ता चला जा रहा है, एक ओर कोरोना की रफ्तार में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है तो वहीं मौत के आंकड़ों को रोकना सरकार और वैज्ञानिकों के लिए एक चुनौती बना हुआ है। कई देशों में कोरोना कंट्र्रोल को लेकर वैक्सीन के ट्रायल पर अधिक जोर दिया जा रहा है। इस समय लगभग 150 वैक्सीन का ट्रायल जारी है जिसमें से छह वैक्सीन अपने आखिरी चरण के ट्रायल में हैं। पूरी दुनिया को इन देशों की वैक्सीन पर उम्मीद है। एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 के छमाही महीने तक यह वैक्सीन बाजार में लोगों के बीच में उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि जानकारों का यह भी कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो इस साल के अंत तक भी वैक्सीन को लॉन्च किया जा सकता है।

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इन 7 देशों में बनकर तैयार हो रही कोरोना वैक्सीन…

न्यूयॉर्क स्थित फाइजर (Pfizer) जर्मन बायोटेक कंपनी  BioNTech के साथ वैक्सीन पर काम कर रही है. ये वैक्सीन भी mRNA प्लेटफॉर्म पर आधारित है. ये जर्मन कंपनी पहले भी कैंसर की प्रायोगिक वैक्सीन बना चुकी है। फाइजर ने

अमेरिकी सरकार के साथ लगभग 195 करोड़ वैक्सीन की आपूर्ति करने का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है. उम्मीद की जा रही है कि इस वैक्सीन को अक्टूबर 2020 तक रेगुलेटरी मंजूरी मिल जाएगी. इस वैक्सीन की कीमत 19.50 डॉलर (1454 रूपए) तक रखी गई है।

ऑक्सफोर्ड ने  ChAdOx1 nCoV-19 वैक्सीन के लिए एस्ट्राजेनेका के साथ साझेदारी की है. ये वैक्सीन अपने अंतिम चरण के ट्रायल में है. अगर ये वैक्सीन सफल होती है तो उम्मीद की जा रही है कि ये सितंबर के महीने तक लोगों के लिए बाजार में आ जाएगी. इस वैक्सीन की कीमत 4 डॉलर (297 रूपए) होगी।

मैसाचुसेट्स की बायोटेक कंपनी अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के साथ मिलकर एक नए तरीके की वैक्सीन पर काम कर रही है. ये वैक्सीन वायरस के जेनेटिक मैटेरियल, मैसेंजर आरएनए (mRNA) पर काम करती है। अन्य

वैक्सीन की तरह ये वास्तविक वायरस पर काम नहीं करता है बल्कि ये एक वायरस प्रोटीन बनाता है जो कोरोना वायरस की नकल करता है. ये एक नई तरह की तकनीक है. अगर इसे मंजूरी मिलती है तो mRNA-1273 इस तरह की पहली वैक्सीन होगी. इस वैक्सीन की कीमत 32-37 डॉलर (2,388- 2,761 रुपए) होगी.

चाइना नेशनल बायोटेक ग्रुप (CNBG) की सिनोफार्म कंपनी का कहना है कि उसकी वैक्सीन दिसंबर तक बाजार में आ जाएगी. कंपनी के सीईओ का कहना है कि वैक्सीन की दो डोज के लिए 1000 युआन (10,853 रुपए) से कम देने होंगे. इस वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल अबू धाबी, यूएई में 15000 वालंटियर्स पर किया जा रहा है।

भारत की सीरम कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है. सीरम इंस्टीट्यूट ने करोड़ों की संख्या में वैक्सीन बनाने की डील की है. कंपनी के चेयरमैन साइरस पूनावाला का कहना है कि उसकी वैक्सीन की कीमत 1000 रूपए होगी लेकिन अगर सरकार चाहे तो वो अपनी नागरिकों को इसे मुफ्त में भी दे सकती हैं।

हाल ही में 11 अगस्त को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया था कि उन्होंने दुनिया की पहली कोरोना वायरस की वैक्सीन Sputnik V लॉन्च कर दी है।

मालूम हो कि दुनिया में कोरोना के 2 करोड़ 30 लाख से अधिक केस सामने आ चुके हैं, जबकि 80,9,000 लोग इलाज के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में अगर इन देशों में चल रहे क्लीनिकल ट्रायल के सफल परीक्षण हो जाते हैं, तो पूरी दुनिया के लिए यह वैक्सीन संजीवनी का काम करेगी।

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