लॉस एंजिल्स से मनीला जा रही फिलीपीन एयरलाइंस की एक इंटरनेशनल फ्लाइट उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब 30,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए विमान के सभी 11 शौचालय अचानक खराब हो गए। यह घटना जनवरी के पिछले हफ्ते की बताई जा रही है, जब बोइंग 777 विमान अपनी 15 घंटे की लंबी यात्रा पर था। फ्लाइट संख्या PR113 जब प्रशांत महासागर के ऊपर उड़ान भर रही थी, तभी यात्रियों और केबिन क्रू को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। सभी टॉयलेट एक साथ बंद हो जाने से विमान के अंदर असहजता का माहौल बन गया। इस दौरान न सिर्फ यात्रियों की परेशानी बढ़ी, बल्कि केबिन क्रू पर भी भारी दबाव आ गया। बताया जा रहा है कि उस समय विमान नजदीकी वैकल्पिक हवाई अड्डे गुआम से करीब छह घंटे की दूरी पर था, जिससे हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गए।
जब सभी 11 शौचालय एक साथ हो गए फेल
जानकारी के मुताबिक, तकनीकी खराबी के कारण विमान के सभी 11 टॉयलेट एक ही समय पर काम करना बंद कर गए। आमतौर पर विमान में टॉयलेट सिस्टम अलग-अलग सेक्शन में बंटा होता है, ताकि किसी एक हिस्से में खराबी आने पर बाकी शौचालय इस्तेमाल किए जा सकें। लेकिन इस मामले में पूरा सिस्टम ही ठप हो गया। यात्रियों को टॉयलेट इस्तेमाल करने से रोका गया, जिससे केबिन में बेचैनी बढ़ने लगी। हालात इतने बिगड़ गए कि उड़ान को डायवर्ट करने पर भी चर्चा शुरू हुई। हालांकि, कैप्टन ने स्थिति का आकलन करने के बाद फ्लाइट को डायवर्ट न करने का फैसला लिया। इसी बीच, क्रू के कुछ सदस्यों द्वारा बनाए गए वीडियो सामने आए, जिनमें केबिन स्टाफ को शौचालय के कटोरे से गंदगी निकालकर पास के सिंक में बहाते हुए देखा गया। आरोप है कि यह काम उनसे एक सुपरवाइजर के निर्देश पर करवाया गया, जिससे क्रू की सुरक्षा और गरिमा को लेकर सवाल खड़े हो गए।
केबिन क्रू पर भारी पड़ा हालात का दबाव
बताया जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया यात्रियों की नजरों से दूर, गोपनीय तरीके से की गई, ताकि फ्लाइट में अफरा-तफरी न फैले। हैरानी की बात यह है कि उड़ान के बाद किसी भी यात्री ने औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज नहीं कराई। विमान बिना किसी देरी के मनीला के निनॉय एक्विनो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंड हो गया। लेकिन फ्लाइट खत्म होने के बाद मामला शांत नहीं रहा। केबिन क्रू के सदस्यों ने फिलीपीन एयरलाइंस यूनियन को इस घटना की जानकारी दी। यूनियन ने न सिर्फ क्रू से हाथ से सफाई करवाने के फैसले की आलोचना की, बल्कि विमान को डायवर्ट न करने के निर्णय पर भी सवाल उठाए। यूनियन का कहना है कि ऐसी स्थिति में यात्रियों और कर्मचारियों की सेहत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया कि घटना के बाद एयरलाइन की ओर से कोई आंतरिक जांच नहीं की गई।
पहली बार नहीं, पहले भी हो चुके हैं ऐसे चौंकाने वाले मामले
एविएशन इंडस्ट्री में यह कोई पहली घटना नहीं है, जब उड़ान के दौरान असामान्य और शर्मनाक हालात सामने आए हों। पिछले साल अमेरिका में शिकागो जा रही एक फ्लाइट में एक महिला ने अचानक अपने कपड़े उतारकर विमान की सीट पर ही शौच कर दिया था, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया था। उस घटना के बाद विमान को पूरी तरह सफाई के लिए सेवा से हटा दिया गया था। तब साउथवेस्ट एयरलाइंस ने बयान जारी कर यात्रियों से माफी मांगी थी और कहा था कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मौजूदा मामले में फिलीपीन एयरलाइंस ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे सवाल और गहरे हो गए हैं। यह घटना एयरलाइन सुरक्षा, कर्मचारियों के अधिकार और आपात स्थिति में लिए जाने वाले फैसलों पर गंभीर बहस को जन्म दे रही है। 30,000 फीट की ऊंचाई पर हुआ यह वाकया दिखाता है कि तकनीकी खराबी के साथ-साथ मानवीय निर्णय भी कितने अहम होते हैं।
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