Sunday, January 17, 2021

मसला यह भी है दुनिया का…कि कोई अच्छा है तो अच्छा क्यों है…

मुम्बई। फिल्म कलाकारों के साथ सत्ता का पक्ष-विपक्ष वर्तमान में कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है। सत्ता से जुड़े लोगों को राहत दी जाती है तो जो सामान्य हैं उन पर निशाना साधा जाता है। ऐसा ही एक मामला सोनू सूद का आया है। सोनू सूद ने बीएमसी की ओर से उन्हें दिए गए नोटिस और फिर हाई कोर्ट में आदतन अपराधी करार देने को लेकर अब तक स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा है। इस बीच सोनू ने एक ट्वीट किया है, जिसे लेकर कहा जा रहा है कि शायद उन्होंने बीएमसी पर अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधा है। सोनू सूद ने ट्वीट कर लिखा है कि मसला यह भी है दुनिया का… कि कोई अच्छा है तो अच्छा क्यों है। सोनू सूद के इस ट्वीट में न तो किसी को टैग किया गया है और न ही किसी का नाम लेकर कुछ कहा गया है लेकिन लोग इसे बीएमसी की ओर से की जा रही कार्रवाई के खिलाफ प्रतिक्रिया के तौर पर देख रहे हैं। सोनू सूद ने अप्रत्यक्ष स्तर पर पूरी बात कह दी है। सोनू सूद के इस ट्वीट पर यूजर्स ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने उनके इस ट्वीट के जवाब में हाई कोर्ट में बीएमसी के एफिडेविट वाली खबर का हिस्सा पोस्ट किया है तो कुछ लोगों ने कहा कि सोनू सूद को सरकारी एजेंसियां परेशान कर रही हैं।

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सोनू सूद कोरोना काल में परेशान मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के चलते चर्चा में आए थे। मजदूरों की मदद तो अच्छी थी लेकिन सत्ता को यह सहयोग पसन्द नहीं आया। उनके चलते हजारों लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिली थी। सोनू सूद की लोकप्रियता का आलम यह है कि उनके फैन्स ने तेलंगाना में उनके नाम से मंदिर का निर्माण भी कराया है। इस मंदिर में सोनू सूद की प्रतिमा भी लगाई गई है। यही नहीं सोनू सूद ने लोगों के इस व्यवहार को लेकर एक पुस्तक भी लिखी है। पुस्तक का शीर्षक है- मैं मसीहा नहीं हूं। बीएमसी ने सोनू सूद पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बिना अनुमति के 6 मंजिल आवासीय इमारत को कथित रूप से होटल में बदल दिया। इसी मामले को लेकर बीएमसी ने 7 जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

इससे पहले बीएमसी ने उन्हें बीते साल नोटिस भेजा था जिसके खिलाफ एक्टर ने हाई कोर्ट का रुख किया था। अपने बचाव में सोनू सूद मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे थे। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 13 जनवरी तक एक्टर की इमारत पर बीएमसी द्वारा किसी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। 12 जनवरी को अदालत में एफिडेविट पेश कर बीएमसी ने सोनू सूद को आदतन अपराधी करार किया था। गौरतलब है कि सोनू सूद ने बुधवार को एनसीपी के मुखिया शरद पवार से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इस नोटिस के संदर्भ में ही उन्होंने दिग्गज मराठा लीडर से मुलाकात की थी। आदतन अपराधी शब्द पर लोग निशाना साध रहे हैं।

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