कानूनी रडार पर मिथुन चक्रवर्ती समेत इन हस्तियों के रिसॉर्ट्स, SC ने तोड़ने का दिया आदेश, जानें वजह

104
mithun chakraborty

बॉलीवुड इंजस्ट्री दिनों किसी न किसी वजह से चर्चाओं में बनी हुई है. इसी बीच खबर आ रही है कि, अब कानूनी रडार पर बॉलीवुड के मशहूर एक्टर मिथुन चक्रवर्ती (mithun chakraborty) आ गए हैं. जी हां इसके पीछे का कारण उनका रिसॉर्ट है. जिसे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गिराने का आदेश दे दिया है. दरअसल तमिलनाडु (Tamil nadu) में एक्टर मिथुन चक्रवर्ती (mithun chakraborty) समेत कई बड़ी नामचीन हस्तियों के रिसॉर्ट हैं. जिसे अब तोड़े जाने का निर्देश दिया गया है. इन रिसॉर्ट को गैर कानूनी तरीके से बनाने की दलील दी गई थी. दरअसल ये रिसॉर्ट बहाथियों के सुरक्षित इलाके में गैर कानूनी रूप से तैयार किए गए थे. जिस पर बुद्धवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में इन रिसॉर्ट को तोड़ने के आदेश दे दिए हैं.

ये भी पढ़ें:- 3 साल के तैमूर खान खुद को समझते हैं ‘श्रीराम’, रामायण में है दिलचस्पी, जानें क्या कहते हैं सैफ अली खान

गौरतलब है कि, नीलगिरी पहाड़ियों के मदुमलाई फॉरेस्ट रेंज में काफी सारे लोगों ने रिसॉर्ट खड़ा कर दिया था. इन लोगों में से एक रिसॉर्ट एक्टर मिथुन चक्रवर्ती का भी शामिल है. ये वो इलाका है, जहां से मौसम में परिवर्तन आने के बाद हाथियों की संख्या बड़ी तादाद में गुजरती है. लेकिन रिसॉर्ट बनने के बाद यहां भी इंसानों की आबादी लगातार बढ़ रही है. जिसका सीधा असर हाथियों के पलायन वाले रास्ते पर देखने को मिल रहा है.

इस मामले को लेकर मद्रास हाई कोर्ट (Madras High Court) की ओर से साल 2011 में ही फैसला सुनाते हुए रिसॉर्ट को तोड़ने का फैसला किया गया था. इस निर्णय से असंतुष्ट होने के बाद मिथुन चक्रवर्ती समेत कई लोगों ने मिलकर हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे डाली थी. तभी से ही ये केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था. लेकिन इस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट के आदेश को वाजिब ठहराया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, साल 2011 की ही बात है, जब हाई कोर्ट ने पर्यावरण को खतरे के नजरिए से देखते हुए मिथुन के रिसॉर्ट (mithun Resort) समेत इलाके के और होटलों को गिराने का निर्देश दिया था.

लेकिन मिथुन ने इस फैसले को सीधा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए चुनौती दी थी. साथ ही मिथुन की ओर से ये दलील दी गई थी कि इस, रिसॉर्ट से कई आदिवासियों को रोजगार मिलता है. इसके साथ ही इस एरिया में रिसॉर्ट के चलते लोग आते-जाते रहते हैं. यहां तक कि हाथियों के अवैध शिकार पर भी शिकंजा कसा रहता है. इसलिए उनका रिसॉर्ट न तोड़ा जाए. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी अब रिसॉर्ट तोड़ने का आदेश सुना दिया है.

ये भी पढ़ें:- हीरोइन से कम नहीं है मिथुन चक्रवर्ती की बड़ी बहू, रेप के आरोप के बावजूद बॉयफ्रेंड से रचाई थी शादी