मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल ने हाल ही में उस वायरल वीडियो को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी। उन्होंने बताया कि वह एक शायरी कार्यक्रम में अपने करीबी दोस्त के बुलावे पर गए थे। उनका मकसद सिर्फ कार्यक्रम का आनंद लेना और वहां मौजूद शायरों की सराहना करना था। शुरुआत में माहौल अच्छा था और वह खुद को सहज महसूस कर रहे थे। लेकिन उन्हें बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि कुछ ही देर में उनके साथ ऐसा व्यवहार होगा, जो उन्हें अंदर तक झकझोर देगा। उनका कहना है कि वह सिर्फ सम्मान जताने और ‘धन्यवाद’ कहने के इरादे से मंच पर गए थे।
मंच पर बुलाकर माइक से दूर रखा गया
सुनील पाल के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने उन्हें मंच पर बुलाया और सम्मान के तौर पर फूलों का गुलदस्ता भी दिया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने उन्हें हैरान कर दिया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने बोलने के लिए माइक मांगा, तो मंच पर मौजूद व्यक्ति ने उन्हें माइक देने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कई बार विनती की कि उन्हें कम से कम धन्यवाद कहने दिया जाए, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। यह स्थिति उनके लिए बेहद अजीब और अपमानजनक बन गई, क्योंकि एक ओर उन्हें सम्मानित किया जा रहा था और दूसरी ओर बोलने का मौका तक नहीं दिया गया।
वीडियो बनाते लोग और बढ़ती शर्मिंदगी
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद लोग लगातार वीडियो बना रहे थे। सुनील पाल ने बताया कि दर्शकों को लग रहा था कि उनका सम्मान हो रहा है, लेकिन असल में वह खुद को अपमानित महसूस कर रहे थे। स्थिति तब और खराब हो गई जब मंच संचालक ने उनके हाथ से माइक छीन लिया और उन्हें मंच छोड़ने के लिए कहा गया। यह सब उनके लिए बेहद असहज और शर्मिंदगी भरा अनुभव था। उन्होंने कहा कि उस वक्त वह बेहद उलझन में थे और समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है।
दोस्त ने कहा- ‘भूल जाओ’, लेकिन सवाल अब भी बाकी
इस घटना के बाद सुनील पाल ने अपने उस दोस्त से बात की, जिसने उन्हें कार्यक्रम में बुलाया था। जब उन्होंने उससे पूछा कि आखिर यह सब क्यों हुआ, तो दोस्त ने उन्हें इस बात को भूलकर आगे बढ़ने की सलाह दी। हालांकि, इस जवाब से भी उन्हें कोई संतोष नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनके दोस्त को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि उन्हें बोलने से क्यों रोका गया। इस पूरे अनुभव के बाद वह कार्यक्रम में नहीं रुके और वहां से चले गए। सुनील पाल का कहना है कि उनके साथ जो हुआ, वह पूरी तरह से गलत था और इसने उन्हें अंदर तक आहत किया।
