उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर तहसील क्षेत्र में स्थित मौराणिक महादेवा धाम इन दिनों वार्षिक महोत्सव की वजह से हजारों श्रद्धालुओं और दर्शकों की मौजूदगी से गूंज रहा है। शनिवार की रात यहां भोजपुरी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जैसे-जैसे कार्यक्रम का समय करीब आया, पंडाल में भीड़ लगातार बढ़ती चली गई। आयोजकों के उम्मीद से कई गुना अधिक लोग पंडाल में पहुंच चुके थे, जिससे माहौल पहले से ही तनावपूर्ण दिखने लगा।
मंच के पास की हजारों कुर्सियां पूरी तरह भर चुकी थीं और दूर-दूर तक लोग खड़े नजर आ रहे थे। हालांकि, व्यवस्था संभालने के लिए कुछ स्वयंसेवक और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन भीड़ के आकार को देखते हुए उनकी संख्या बहुत कम साबित हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, महोत्सव में अक्षरा सिंह को देखने के लिए आस-पास के गांवों से भी बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं पहुंचे थे, जिससे पंडाल सामर्थ्य से कई गुना अधिक भर गया।
अक्षरा सिंह के मंच पर आते ही उत्साह ने लिया उग्र रूप
रात करीब 10 बजे जैसे ही अक्षरा सिंह मंच पर पहुंचीं, माहौल अचानक पूरी तरह बदल गया। दर्शकों में उत्साह देखते ही देखते उफान पर पहुंच गया। लोग मंच के और करीब जाने के लिए एक-दूसरे को धक्का देने लगे। पंडाल के कई हिस्सों में लोग आगे की लाइन में पहुंचने की होड़ में तेजी से आगे बढ़ने लगे, जिससे कुर्सियों पर बैठी भीड़ दबाव में आने लगी।
कुछ ही सेकंड के भीतर पंडाल के बीच वाले हिस्से में चीख-पुकार मच गई। भीड़ के दबाव में एक के बाद एक कुर्सियां टूटने लगीं। पहले कुछ कुर्सियां टूटीं, फिर अचानक पूरा हिस्सा चरमराने लगा और सैकड़ों कुर्सियां धराशायी हो गईं। गिरते लोगों की वजह से कई जगह हल्की-फुल्की चोटें आने की भी खबर है। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
पंडाल में मची अफरा-तफरी, सुरक्षा व्यवस्था रही नाकाम
कुर्सियों के टूटते ही पंडाल में अफरा-तफरी फैल गई। कई लोग परिवार के सदस्यों को खोजते नजर आए। कुछ लोग अपनी सुरक्षा के लिए भागने लगे जबकि कुछ स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में लगे रहे। धूल और टूटे सामान से पंडाल का दृश्य कुछ ही मिनटों में पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश जरूर की, लेकिन लोगों की संख्या इतनी अधिक थी कि हर प्रयास नाकाफी साबित हुआ। कार्यक्रम आयोजकों ने भीड़ से शांत रहने की अपील की, वहीं मंच से कलाकारों ने भी लोगों को पीछे हटने और बैठने की सलाह दी। हालांकि कुछ देर बाद स्थिति थोड़ी स्थिर हो पाई, लेकिन तब तक पंडाल के अंदर लगभग सभी कुर्सियां टूट चुकी थीं और कार्यक्रम बाधित हो गया।
प्रशासन और आयोजकों ने ली घटना की जिम्मेदारी
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि भीड़ अनुमान से कई गुना अधिक पहुंची थी, लेकिन इसके बावजूद पंडाल में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजन समिति से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।
दूसरी ओर, आयोजन समिति का कहना है कि उन्होंने अपनी तरफ से पूरी तैयारियां की थीं, लेकिन लोगों की अप्रत्याशित भीड़ और अचानक हुआ उत्साह नियंत्रण से बाहर हो गया। फिलहाल कार्यक्रम को सुरक्षित रूप से समाप्त कर दिया गया है और आने वाले आयोजनों में भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की योजना बनाई जा रही है।
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