SSR केस: पहली बार संदीप सिंह ने सभी आरोपों पर तोड़ी चुप्पी, इन 4 पोस्ट के जरिए दिया हर सवाल का जवाब

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Sandip Ssingh-sushant

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput Case) के मामले में कई ऐसी गुत्थियां हैं जो अभी भी एक पहेली की तरह बनी हुई है. इसे सुलझाने के लिए सीबीआई (CBI) से लेकर नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम दिन रात एक कर रही है. इस मसले में सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) बुरी तरह से फंस चुकी हैं. तो वहीं दूसरी तरफ सुशांत के मामले में उनके दोस्त संदीप सिंह (Sandip Ssingh) को लेकर भी कई तरह की खबरें सामने आ रही हैं. दरअसल ये वही संदीप सिंह हैं जिन्हें सुशांत की डेथ के बाद उनके घर से लेकर पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार में देखा गया. इसके साथ ही उन्होंने एक्टर के मौत पर सोशल मीडिया के जरिए काफी दुख भी जताया है. जिसे देखकर ये कहा जा सकता है कि संदीप वाकई सुशांत के काफी करीबी दोस्त थे.

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लेकिन सवाल ये उठता है कि यदि संदीप सुशांत के इतने करीब थे तो दोनों के बीच काफी लंबे अरसे से बातचीत क्यों नहीं हुई? यहां तक कि वो सुशांत के घरवालों से भी कभी नहीं मिले. तो एक्टर को लेकर इतनी सहानुभूति क्यों दिखा रहे हैं. क्या वो कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे हैं? हालांकि ऐसे कई सवाल संदीप पर उठाए जा रहे हैं. जिन सवालों पर पहली बार संदीप सिंह ने चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी है. यहां तक कि अपने इंस्टा अकाउंट पर संदीप ने कुछ चैट के स्क्रीनशॉट भी साझा किए हैं जो उन्होंने एंबुलेंस ड्राइवर और सुशांत की बहन मीतू सिंह से बात की थी.

दरअसल इंस्टाग्राम पर अपनी पहली पोस्ट साझा करते हुए संदीप सिंह ने लिखा है कि, ‘माफ करें मेरे भाई, लेकिन मेरी चुप्पी ने मेरी 20 साल से बनाई हुई छवि और फैमिली को टुकड़ों में तोड़ कर रख दिया है. क्योंकि मुझे इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि दोस्ती के लिए अब किसी प्रमाण पत्र की जरूरत होती है. इसलिए आज पहली बार मैं अपनी पर्सनल चैट को इस तरह पब्लिकली साझा कर रहा हूं. क्योंकि यही एक अंतिम चारा है जो हमारे रिश्ते को साबित करता है.’

बता दें कि जब मीडिया से संदीप सिंह रूबरू हुए तो उनसे ये सवाल किया गया था कि बीते एक साल से आप सुशांत के संपर्क में नहीं थे लेकिन जब उनकी मौत हुई तो आप अचानक से हर जगह दिखने लगे? इस सवाल का जवाब देते हुए संदीप ने कहा था कि, मैं एक बिहारी परिवार से ताल्लुक रखता हूं, ऐसे में यदि हम किसी अनजान शख्स की भी अर्थी को देखते हैं तो उसे भी कंधा दे देते हैं, और ये तो मेरा अपना दोस्त था. संदीप ने ये भी बताया कि मैं सुशांत से साल 2011 में मिला और हमारी दोस्ती उसी दौरान शुरू हुई. इसके साथ ही संदीप ने एक और पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि, ’14 जून के दिन जब तुम्हारे बारे में सुना, तो खुद पर वहां आने से कंट्रोल नहीं कर पाया, और तुम्हारे घर की ओर दौड़ पड़ा. लेकिन जब वहां पर सिर्फ मीतू दीदी को देखा तो मैं दंग रह गया क्योंकि फैमिली से सिर्फ वही एक थीं. ऐसे में मैं यही सोच रहा हूं कि क्या वहां उस वक्त मैंने तुम्हारी बहन के इस कठिन दौर में उनका साथ देकर कोई गुनाह किया या मुझे तुम्हारे दोस्तों के आने का इंतजार करना चाहिए था.’

आगे संदीप ने ये भी लिखा है कि, सुशांत छिछोरे और ड्राइव फिल्म में काफी ज्यादा व्यस्त था. उस दौरान मैं पीएम नरेंद्र मोदी फिल्म बनाने में बिजी था. मैं वहां सिर्फ भीड़ का एक हिस्सा बनने के लिए पहुंचा था. लेकिन जो लोग उसके करीबी और दोस्त होने का दावा ठोकते हैं उनमें से वहां कोई नहीं पहुंचा था. वहां सिर्फ मीतू दीदी और उनका परिवार था. इसलिए दोस्ती के खातिर मैं वहां हर काम में सक्रिय दिखा. लेकिन मुझे इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि ऐसे समय में भी रिहर्सल करके एक खास तरीके से अपनी बॉडी लैंग्वेज दिखानी होती है. क्योंकि मैं तो एक दोस्त के नाते वहां गया था.
इतना ही नहीं तीसरे पोस्ट में संदीप लिखते हैं कि, ‘लोग कह रहे हैं कि तुम्हारी फैमिली मेरे बारे में नहीं जानती है, और ये सच भी है. क्योंकि मैनें कभी तुम्हारी फैमिली से मुलाकात ही नहीं की. लेकिन शहर में दुख मना रही एक अकेली बहन को उसके भाई के अंतिम संस्कार में हेल्प करना क्या मेरी गलती थी? एंबुलेंस ड्राइवर के बयान के बाद भी उसके साथ हुई मेरी बातचीत पर उठ रहे सवालों को खत्म करने के लिए मैं बस यही कहना चाहूंगा.’

इतना ही नहीं लगातार लग रहे आरोपों के बारे में संदीप सिंह ने चौथा इंस्टाग्राम पोस्ट भी किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि, ‘बस मुझे अभी उन आरोपों को खत्म करना है जो मॉरिशस की अटकलों वाली कहानी को लेकर मुझ पर थोपा गया है. यहां तक कि ईर्ष्या के चलते मेरी छवि को धूमिल करने लिए ये पूरा षड्यंत्र रचा गया है. इसिए अब मैं मॉरिशस पुलिस की तरफ से जारी किए गए उस पत्र को भी साझा कर रहा हूं. क्योंकि वहां मेरे खिलाफ ऐसा कोई केस दर्ज नहीं हुआ है जिसका दावा किया जा रहा है.’

हालांकि एंबुलेंस वाले का अपना फर्ज था कि वो अपना पैसा ले. इसलिए अस्पताल से किसी ने मेरा नंबर उसे दे दिया होगा. तो उस समय ड्राइवर ने मुझे फोन भी किया और अपना पैसा मांगा. ये बात साफ है कि जो हालात थे उसे ध्यान में रखते हुए मैनें इसके बारे में एक्टर की बहन से कोई राय नहीं ली न ही इसके बारे में मैनें उन्हें कुछ भी बताया. उस दौरान मैनें सीधा दीपक साहू को अपना नंबर दिया, जिन्होंने अपना बिल 14 को नहीं बल्कि 15 या 16 जून को क्लियर किया. जाहिर सी बात है कि वो अपने पैसों के लिए फोन कर रहा था. हमने कुछ दिनों बाद कैश में उसके पैसों का भुगतान कर दिया.

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