पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक हत्या के आरोपी का आत्मसमर्पण इन दिनों चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। वजह है उसका अंदाज। खुले मैदान में खड़ा आरोपी एक हाथ में देसी तमंचा थामे था और दूसरे हाथ में बीड़ी सुलगा रखी थी। चारों तरफ भारी पुलिस बल तैनात था और लाउडस्पीकर से बार-बार उसे हथियार डालने की चेतावनी दी जा रही थी। कुछ मिनटों तक चला यह तनावपूर्ण दृश्य किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था। आखिरकार आरोपी ने हथियार जमीन पर रख दिया और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और लोग इसे हैरानी से देख रहे हैं।
हत्या के बाद फरारी, फिर पुलिस ने कसा शिकंजा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मेरठ में आरोपी पर हाल ही में हुई एक हत्या में शामिल होने का आरोप है। वारदात के बाद वह फरार चल रहा था और उसकी तलाश में कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को उसकी मौजूदगी का सुराग मिला। इसके बाद इलाके की घेराबंदी की गई ताकि वह भाग न सके।
बताया जा रहा है कि आरोपी को जब एहसास हुआ कि वह चारों तरफ से घिर चुका है, तब भी उसने घबराहट नहीं दिखाई। वह खुले स्थान पर खड़ा रहा और बीड़ी पीता रहा। पुलिस ने उसे शांतिपूर्वक आत्मसमर्पण करने के लिए समझाया। अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान विशेष सावधानी बरती गई ताकि किसी तरह की गोलीबारी या जनहानि न हो। अंततः आरोपी ने बिना प्रतिरोध के हथियार नीचे रख दिया।
फिल्मी अंदाज बना चर्चा का विषय, सोशल मीडिया पर बहस
घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। कुछ लोग इसे अपराधी का “दिखावा” बता रहे हैं तो कुछ इसे पुलिस की सूझबूझ भरी कार्रवाई कह रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस दूरी बनाकर खड़ी है और आरोपी को लगातार समझा रही है।
पुलिस का कहना है कि यह कोई फिल्मी स्टंट नहीं था, बल्कि एक बेहद संवेदनशील स्थिति थी। आरोपी के पास हथियार था और किसी भी क्षण वह फायरिंग कर सकता था। इसलिए टीम ने धैर्य और रणनीति के साथ काम लिया। आरोपी के पास से देसी तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। अब उससे पूछताछ कर हत्या के पीछे की वजह और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
कानूनी कार्रवाई शुरू, कई पहलुओं की जांच जारी
आत्मसमर्पण के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर मेडिकल जांच कराई गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि उसे अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के कारणों, पुराने विवादों और आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने राहत जताई है कि पूरा ऑपरेशन बिना किसी गोलीबारी के संपन्न हुआ। पुलिस का कहना है कि उनकी प्राथमिकता हमेशा आम नागरिकों की सुरक्षा होती है। इस मामले में भी संयम और सतर्कता से काम लिया गया।
मेरठ की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कानून से बचना आसान नहीं है। चाहे अपराधी कितनी भी नाटकीयता क्यों न दिखाए, अंत में उसे न्याय प्रक्रिया का सामना करना ही पड़ता है। अब सबकी नजरें अदालत की अगली सुनवाई और पुलिस जांच के अंतिम खुलासे पर टिकी हैं।
