बॉलीवुड में अभी शोक की लहर है। मायुसी अपने चरम पर है। हर जुबां खामोश हैं और निगाहें आसूंओं से तरबतर है। दिल उदास है और होठों में उनकी विदाई का मलाल है। जी हां.. आज का दिन भारतीय सिने जगत के लिए एक अपूर्णीय क्षति के बराबर है। यह वो क्षति है, जिसे शायद ही अब कभी पूरा किया जाएगा। ऐसा इसलिए चूंकि आज बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता इरफान खान का निधन हो गया। उनके निधन पर भारतीय सिनेमा जगत का संसार सदमे में है। नेता हो या फिर अभिनेता राजा हो या रंक हो या फिर फकीर हर कोई उनके निधन पर अपना शोक व्यक्त कर रहा है। उनके जाने का मलाल सभी होठों से साफ झलक रहा है। इस मौके पर कई लोग अपनी मलाल को अपने शब्दों में बयां कर रहे हैं।

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इसी बीच आज हम आपको इरफान खान की उन फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री में उन्हें एक नई पहचान दी। उन्हें एक उम्दा कलाकार की फेहरिस्त में शामिल किया है। आज हम आपको उनके ऐसी कुछ फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं। इरफान आखिरी बार पर्दे पर अंग्रेजी मीडियम में दिखे थे। इस फिल्म में उनके उम्दा अभिनय को लेकर उन्होंने खूब वाहवाही बटोरी थी। अपने 32 साल के फिल्मी करियर में उन्होंने कई ऐसी फिल्में की, जो कि मील का पत्थर का साबित हुई। खास बात तो यह रही कि उन्हें पान सिंह तोमर के लिए राष्ट्रीय पुरुस्कार से भी नवाजा गया था। लेकिन अभिनय की दुनिया में हमेशा उनकी कुछ ऐसी फिल्मों के लिए हमेशा से याद किया जाता रहेगा, जो उनके फिल्मी करियर में मील का पत्थर साबित हुई।

मकबूल (2003) 
विशाल भारद्ववाज के निर्देशन में बनी मकबूल फिल्म उन्होंने मुख्य किरदार किया अदा किया था। फिल्म की कहानी में मकबूल एक अंडरवर्ल्ड डॉन अब्बा जी (पंकज कपूर) का भरोसेमंद आदमी है। वह अब्बा जी के यहां काम करने वाली एक नौकरानी निम्मी (तब्बू) से चुपचाप प्यार करता है। बाद में वह मकबूल को अब्बा जी के खिलाफ भड़काती है और बाद वह उसका कत्ल कर देता है।

पान सिंह तोमर
भारतीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी कैसे एक डाकू की राह पर चलकर डाकू बन जाता है। इस कहानी को फिल्म में बखूबी बयां किया गया है। इस फिल्म में पान सिंह की पूरी सच्चाई को बयां किया गया है। तिग्मांशु धूलिया ने पान सिंह तोमर के किरदार में पर्दे पर इरफान को पेश किया। मध्य प्रदेश की भाषा और बोली को फिल्म में जब इरफान बोलते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे इरफान उसी परिवेश में पले बढ़े हैं। इस  फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भी चुना गया था।

लंच बॉक्स
इरफान की इस फिल्म उन्हें एक नई पहचान दिलाई थी। इस फिल्म की खास बात तो यह रही कि इसने कमाई कम थी और तारीफें ज्यादा बटोरी थी। इतना ही नहीं, यह फिल्म  काफी सुर्खियों में रही थी। इस फिल्म में लान्च बॉक्स के प्यार को दिखाया गया था।

तलवार
यह फिल्म दिल्ली के आरूषी हत्याकांड पर आधारित है। देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में हुए आरुषि तलवारऔर उनके नौकर हेमराज के मर्डर केस की चर्चाएं तो अभी तक होती हैं। इस फिल्म में काफी चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों को पेश किया गया। ये भी पढ़े :विदेश में फंसे इरफान खान पर टूटा दुखों का पहाड़, खास सदस्य का निधन, परिवार में शोक की लहर