Ekta kapoor-kartik aryan

चीन से शुरू हुई कोरोना बीमारी अब तक दुनियाभर के कई देशों में तांडव का रूप दिखा चुकी है. भारत में भी ये वायरस तेजी से पैर प्रसार रहा है. हाल ही में चीन से आई खराब टेस्ट किट ने तो लोगों के होश उड़ाकर रख दिए हैं. जिसके बाद से ही अब चीन पर भारत सख्त होता हुआ दिखाई दे रहा है. लेकिन चीन अब फिल्मी जगत के जरिए अपनी कंपनियों को मुंबई में टिकाने की कोशिश में लगा है. जिसका जीता-जागता उनदाहर कार्तिक आर्यन जैसे लोग हैं. जो एक तरफ तो देश के नागरिकों को कोरोना जैसी भयावह बीमारी से जागरूक करने का दिखावा करते हैं तो वहीं दूसरी तरफ लॉकडाउन में वो टिकटॉक के ब्रांड अंबेसडर की तरह काम करते दिखाई दे रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ टीवी क्वीन कही जाने वाली एकता कपूर भी अब जूम मीटिंग ऐप का प्रचार-प्रसार करने में तेजी से लगी हुई हैं.

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दरअसल कोरोना महामारी के पीछे चीन की क्या मंशा है, वो भी दुनिया के सामने अब चर्चा का विषय बना हुआ है. बताया जा रहा है कि इस संकट के समय में भी चीन ने दूसरे देशों की कंपनियों पर अपना आधिपत्य जमाने की कोशिश की है. जिसके बाद से भारत सरकार पूरी तरह से चौकन्नी हो चुकी है, और तमाम देशों से इस संकट की घड़ी में विदेशी निवेश के कानून को भी कड़े कर दिए हैं. लेकिन चीन है कि अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा है, तभी तो उसने अब दिल्ली को छोड़ मुंबई के जरिए भारत में पैर जमाने की कोशिश में लग गया है.

आपको याद होगा कि कुछ दिनों पहले कार्तिक आर्यन ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी जिसकी तारीफ पीएम नरेंद्र मोदी ने भी की थी. बताया जा रहा है कि इसके लिए प्रधानमंत्री से सिफारिश करने वाले मुंबई के एक फिल्म निर्माता पर भी इन दिनों सूचना ब्यूरो (आईबी) की नजरें गड़ी हुई हैं. पीएम मोदी से मिली तारीफ के बाद तो कार्तिक ने ये वीडियो टिकटॉक पर प्रचार के लिए डाल दिया है. इस समय टिकटॉक की टक्कर भारतीय बाजार में ही चीन के खुद के वीडियो एप हेलो से हो रही है. जिसके बारे में जानकारी मिली है कि हेलो एप ने भारतीय सिनेमा के कुछ सितारों को काफी मोटी रकम दी है और उनसे लगातार वीडियो बनवा रहे हैं. यहां तक कि ये भी जानकारी सामने आ रही है कि वीडियो बनवाने के लिए हेलो की टीम देश के बड़े मीडिया घरानों के मनोरंजन संपादकों से भी संपर्क में लगी हुई है.

इस समय कोरोना संकट को देखते हुए टिकटॉक की टीम भी इस कोशिश में है कि भारत में उनका पैर जमा रहे और काम कम न हो. यही वजह है कि टीवी एक्टर कुशाल टंडन ने इस पर काफी नाराज हैं. उनका कहना है कि, ‘कोरोना चीन की देन है, और ये लोग चीनी टिक टॉक के ही ब्रांड अंबेसडर बने पड़े हैं.’ फिलहाल टिकटॉक के साथ ही अब भारतीय कंपनियां जूम मीटिंग एप को लेकर भी सतर्कता बरत रही हैं. इस बारे में अंतर्राष्ट्रीय आईटी कंपनी निहिलेंट टेक्नोलॉजीस के सीईओ एल सी सिंह कहते हैं कि, “ज्यादातर भारतीय आईटी कंपनियों ने माइक्रोसॉफ्ट या गूगल के एप का इस्तेमाल मीटिंग के लिए करना शुरू कर दिया है. जूम के इस्तेमाल के प्रति भारत सरकार ने भी सचेत किया है और देशी कंपनियों को सरकार की इस मंशा का पालन करना चाहिए. जूम भले अपनी कंपनी अमेरिकी बताती हो लेकिन उसके सारे सर्वर चीन में हैं और ये व्यक्तिगत डाटा चोरी की एक बड़ी कोशिश भी हो सकती है.”

हालांकि हम बात करे मुंबई फिल्म इंडस्ट्री की तो यहां की मंशा या देशहित की बजाय अर्थहित से चल रही है. यदि कार्तिक आर्यक टिकटॉक के प्रचार में लगे हैं तो दूसरी तरफ प्रोड्यूसर एकता कपूर जूम मीटिंग एप के प्रचार-प्रसार में लगी हैं. बताया जा रहा है कि एकता कपूर की तरफ से मुंबई की पूरी मीडिया और टीवी के तकरीबन ज्यादातर बड़े कलाकारों को जूम वीडियो कांफ्रेस में शामिल होने के लिए कहा गया है. जिसके लिए कुछ पत्रकारों ने अपने मोबाइल या फिर लैपटॉप पर जूम एप को डाउनलोड करने से इंकार कर दिया है. जबकि कुछ लोग तैयार हो गए हैं.

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