‘मुझे नहीं जांच को किया था क्वारंटाइन’ जानें मुक्त होने के बाद क्या बोले IPS विनय तिवारी

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अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (sushant singh rajput) प्रकरण की जांच लगातार जारी है। इस बीच रोजाना कोई न कोई खुलासा हो रहा है। इस प्रकरण की जांच अब CBI करेगी, लिहाजा किसी भी राज्य सरकार के पुलिस की जिम्मेदारी अब स्वत: खत्म हो गई। वहीं, इस मामले की जींच के लिए मुंबई भेजे गए पटना के पुलिस अधिक्षक विनय तिवारी (vinay tiwari) को क्वाराइंटिन से मुक्त कर दिया गया है। उन्हें चार दिनों के क्वारइंटिन की बंदिशों से आजादी मिली है। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण का मुकदमा पटना में दर्ज किया गया था, जिसकी जांच के लिए उन्हें मुंबई भेजा गया था।

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उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की तकरीबन 8 घंटे तक जांच करने के बाद उन्हें स्थानीय प्रशासन द्वारा महामारी के नियमों का हवावा देते हुए क्वाराइंटिन किया गया, जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार के इस कदम की खूब भत्सर्ना की गई। इतना ही नहीं, यह मामला बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। बिहार पुलिस ने खुद महाराष्ट्र सरकार के इस कदम की निंदा की। पुलिस अधिक्षक को क्वाराइंटिन किए जाने पर यह पूरा प्रकरण प्रभावित हुआ है। फिलहाल अब यह पूरा मामला सीबीआई के संज्ञान में पहुंच चुका है, तो लिहाजा अब इसमें हमारी कोई पत्यक्ष भूमिका नहीं रही, लेकिन सीबीआई अगर कोई हमसे कोई सहयोग मांगती है, तो हम बेशक देंगे।

क्या बोले विनय तिवारी के पिता 
वहीं सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच के लिए मुंबई भेजे गए पुलिस अधिक्षक विनय तिवारी के पिता ओमप्रकाश तिवारी ने कहा कि उनके बेटे को काबिलयत के आधार पर इस मामले के जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। यह उनके लिए गौरव की बात है। उनके बेटे ने अपनी ड्यूटी का बखूबी निर्वहन किया है। आईपीएस विनय तिवारी उच्चाधिकारी से आदेश मिलने के बाद खुद इस मामले की जांच के लिए मुंबई गए थे। अब गुरुवार को उन्हें क्वाराइंंटिन से मुक्त कर दिया गया है। आज शाम पांच बजे फ्लाइट से वे हैदराबाद होते हुए पटना के लिए रवाना हो जाएंगे।

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