गोरखपुर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया, आतंकवाद और उग्रवाद पर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में अराजकता फैलाने वाले लोग हिरण्यकश्यप जैसे होते हैं, जो प्यार और समझाने से नहीं मानते। ऐसे लोगों से सख्ती से निपटना पड़ता है, क्योंकि “लातों के भूत बातों से नहीं मानते।” मुख्यमंत्री ने यह बात होलिका दहन उत्सव समिति, पांडेयहाता की ओर से आयोजित भक्त प्रह्लाद की शोभायात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में कही। उन्होंने पौराणिक कथाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब-जब समाज में अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब किसी न किसी रूप में शक्ति का अवतार होता है जो बुराई का अंत करता है। हिरण्यकश्यप, कंस और रावण जैसे पात्रों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बुराई के अंत के लिए नृसिंह, कृष्ण या राम जैसे स्वरूप सामने आते हैं।
नया भारत और ‘उत्सव प्रदेश’ की बात
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में अशांति और उपद्रव है, लेकिन भारत में लोग शांति और उत्साह के साथ अपने त्योहार मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नए भारत की तस्वीर है, जहां हर वर्ग को अवसर मिल रहा है। उन्होंने 2014 से पहले के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कई बार त्योहारों से पहले कर्फ्यू लग जाता था, जिससे व्यापारी और आम लोग परेशान होते थे। उनके अनुसार उस समय की सरकारें समाज को बांटने का काम करती थीं, जिसका नुकसान आम जनता को उठाना पड़ता था। आज उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और सुविधा का माहौल है, इसलिए प्रदेश को ‘उत्सव प्रदेश’ कहा जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हर व्यक्ति खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है और यही विश्वास ‘रामराज्य’ की पहचान है।
होली को लेकर दी खास अपील
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने होली और होलिका दहन की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहार को खुशी और भाईचारे के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि किसी पर जबरन रंग न डालें और ऐसा कोई काम न करें जिससे विवाद या टकराव की स्थिति बने। उन्होंने विशेष रूप से अश्लील गाने न बजाने की सलाह दी और कहा कि इससे समाज में गलत संदेश जाता है और त्योहार का महत्व कम होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली रंगों और प्रेम का पर्व है, इसे मर्यादा और सम्मान के साथ मनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि त्योहारों का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, तोड़ना नहीं।
कानून-व्यवस्था और सख्त कार्रवाई का भरोसा
अपने पूरे भाषण में मुख्यमंत्री का फोकस कानून-व्यवस्था और सख्ती पर रहा। उन्होंने साफ संकेत दिया कि माफिया, गुंडे और अराजक तत्वों के खिलाफ सरकार का रुख सख्त है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज में डर और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों को किसी से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। गोरखपुर में दिया गया यह बयान राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। इसे कानून-व्यवस्था पर सरकार के मजबूत रुख और आगामी त्योहारों के मद्देनजर एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
