मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पोरसा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोटई रोड बाईपास चौराहे के पास एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे बैठे लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। हादसे में एक नाबालिग सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कार का नंबर MP 06 CA 5172 बताया जा रहा है और इसे चलाने वाला व्यक्ति दीपेंद्र भदौरिया था, जिसे स्थानीय लोग भाजपा से जुड़ा नेता बता रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और चंद सेकेंड में सब कुछ तबाह हो गया।
अलाव के पास बैठे थे लोग, एक पल में उजड़ गई खुशियां
हादसे के वक्त ठंड से बचने के लिए कुछ लोग सड़क किनारे अलाव जलाकर बैठे हुए थे। इनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था। अचानक तेज रफ्तार कार ने नियंत्रण खो दिया और सीधे उन लोगों में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोग कई फीट दूर जा गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तुरंत मदद के लिए दौड़े। घायलों में तीन की हालत बेहद गंभीर बताई गई, जबकि नाबालिग अर्णव की स्थिति ज्यादा नाजुक होने पर उसे तत्काल ग्वालियर रेफर किया गया। बाकी घायलों को पहले पोरसा में प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर मुरैना जिला अस्पताल भेजा गया। इस हादसे के बाद इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल बन गया।
भीड़ ने पकड़ा आरोपी, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग और राहगीर बेहद आक्रोशित हो गए। उन्होंने मौके पर ही कार चालक दीपेंद्र भदौरिया को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी को पुलिस हिरासत में लेने के कुछ ही देर बाद वह बीच बाजार से फरार हो गया। इस खबर के फैलते ही लोगों का गुस्सा और भड़क गया। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाए। मौके पर तनाव की स्थिति बन गई, जिसे संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
फरार आरोपी की तलाश
घटना के बाद से आरोपी चालक की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि फरार व्यक्ति की पहचान और लोकेशन ट्रेस की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है क्योंकि आरोपी के भाजपा से जुड़े होने की चर्चा जोरों पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आरोपी आम व्यक्ति होता तो शायद वह हिरासत से भाग नहीं पाता। हादसे में घायल परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार, प्रभावशाली लोगों की लापरवाही और कानून व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है। अब सभी की नजर इस पर है कि पुलिस आरोपी को कब पकड़ती है और पीड़ितों को कब न्याय मिलता है।
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