भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो रिलीज होते ही कलाकार की पहचान बदल देते हैं। चंदन चंचल का गाना ‘देवरा ढोढ़ी चटना बा’ भी ऐसा ही एक उदाहरण है। साल 2022 में यूट्यूब पर रिलीज हुए इस गाने ने चंदन चंचल को देखते ही देखते भोजपुरी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना दिया। इससे पहले चंदन चंचल को सीमित दायरे में जाना जाता था, लेकिन इस गाने के बाद उनका नाम भोजपुरी के चर्चित सिंगर्स में गिना जाने लगा। गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह आज भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहता है और नए-नए दर्शक इसे खोजकर सुनते हैं।
अश्लील बोल, लेकिन सुनने वालों की लंबी कतार
इस गाने को लेकर सबसे ज्यादा विवाद इसके बोलों पर हुआ। ‘ढोढ़ी’ जैसे शब्दों और देवर-भाभी के डबल मीनिंग मजाक ने इसे अश्लीलता की श्रेणी में खड़ा कर दिया। इसके बावजूद, या शायद इसी वजह से, गाने को सुनने वालों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। यूट्यूब पर इस गाने को अब तक 80 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं, जो किसी भी भोजपुरी गाने के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। सोशल मीडिया रील्स और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म पर इस गाने का खूब इस्तेमाल हुआ, जिससे इसकी पहुंच और तेजी से बढ़ी। आलोचना के साथ-साथ यह गाना भोजपुरिया युवाओं के बीच ट्रेंड बन गया।
भोजपुरी इंडस्ट्री पर पड़ा गाने का असर
‘देवरा ढोढ़ी चटना बा’ सिर्फ एक भोजपुरी गाना नहीं रहा, बल्कि इसने भोजपुरी म्यूजिक के ट्रेंड को भी प्रभावित किया। इस गाने की सफलता के बाद ‘ढोढ़ी’ शब्द पर आधारित कई नए गाने बाजार में आए। बड़े और स्थापित भोजपुरी सितारों ने भी अपने गानों में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। इंडस्ट्री में यह चर्चा तेज हो गई कि विवाद और बोल्ड शब्द अब व्यूज बटोरने का आसान जरिया बन चुके हैं। जहां एक तरफ निर्माता और सिंगर इसे दर्शकों की पसंद बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे भोजपुरी भाषा और संस्कृति की छवि खराब करने वाला ट्रेंड भी कहा जा रहा है।
खान सर का बयान और उठते बड़े सवाल
भोजपुरी के अश्लील गानों पर चर्चित शिक्षक खान सर का बयान भी खूब वायरल हुआ। उन्होंने साफ कहा कि समस्या सिर्फ ऐसे गाने बनाने वालों में नहीं, बल्कि उन करोड़ों लोगों में है जो इन्हें सुनकर ट्रेंड बना देते हैं। उनके मुताबिक, जब दर्शक ही ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देंगे तो निर्माता वही बनाएंगे। खान सर ने यह भी सवाल उठाया कि भोजपुरी इंडस्ट्री में हीरो-हीरोइन की बजाय देवर-भाभी और साली जैसे रिश्तों पर ज्यादा गाने क्यों बन रहे हैं। उनका कहना था कि यूट्यूब के दौर में कैमरा लेकर नाचने और वायरल होने की होड़ ने संगीत की गुणवत्ता पर असर डाला है। यही वजह है कि ‘देवरा ढोढ़ी चटना बा’ जैसे गाने सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज और सोच पर भी बहस छेड़ रहे हैं।
