प्रवासी मजदूरों के लिए मसीहा बने सोनू सूद, ट्विटर पर मांगी मदद तो बोले- ‘पैदल क्यों जाओगे दोस्त’

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कोरोना वायरस का प्रकोप देशभर में जारी है. देशवासियों को संक्रमण से बचाने के लिए सरकार ने लॉकडाउन के चौथे चरण का ऐलान किया है और हर तरह से लोगों की मदद भी कर रही है. इसके अलावा बॉलीवुड स्टार और कई बड़ी संस्थाएं मजदूरों और गरीब लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं. पूरा बॉलीवुड इस समय सोशल मीडिया पर एक्टिव है और जहां से भी कोई मदद की गुहार लगा रहा है वहां सितारे मदद का इंतजाम कर रहे हैं. लेकिन, एक्टर सोनू सूद इस समय लोगों के लिए भगवान बने हुए हैं. भगवान इसलिए क्योंकि, जब से लॉकडाउन हुआ है तभी से वह लोगों की मदद कर रहे हैं. हाल ही में तो सोनू सूद ने जो किया है वो वाकई दिल जीत लेने वाला है.

सोनू सूद ने उठाया बीड़ा
दरअसल, लॉकडाउन की वजह से मजदूर अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं. ऐसे में जब मजदूरों ने ट्विटर के जरिए मदद मांगी तो सोनू सूद फौरन एक्शन में आए और मदद का ऐलान कर दिया. उन्होंने न सिर्फ लोगों से संपर्क किया बल्कि उन्हें घर भी पहुंचाया. sonu sood helpएक व्यक्ति जो बिहार का रहने वाला है उसने बताया कि, वह धारावी में रहता है और घर जाना चाहता है लेकिन, पुलिस स्टेशन के चक्कर काटने के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ. इसलिए उसकी मदद करें. इस ट्वीट पर सोनू ने लिखा, ‘भाई चक्कर लगाना बंद करो और रिलैक्स करो. दो दिन में बिहार में अपने घर का पानी पियोगे, डिटेल्स भेजो’.

दोस्त पैदल क्यों जाओगे?
एक दूसरे व्यक्ति ने ट्वीट में लिखा, ‘सोनू सूद सर ईस्ट यूपी में कहीं भेज दो. वहां से अपने गांव पैदल चलें जाएंगे सर’. इस पर सोनू ने लिखा, ‘पैदल क्यों जाओगे दोस्त?? नंबर भेजो.’

इन ट्वीट्स के अलावा भी सोनू ने हर तरह से लोगों की मदद का रिप्लाई किया है और जल्द से जल्द उन्हें मदद दी है. सोनू सूद के अगर ट्विटर अकाउंट पर जाएंगे तो वहां कई लोगों ने उन्हें धन्यवाद दिया है और कोरोना संकट के समय में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की है.

45 हजार लोगों को खाना
बता दें, इससे पहले भी सोनू ने कई मजदूरों को उनके घर भिजवाया है. बसों की व्यवस्था की हैं. इतना ही नहीं उन्होंने अपने जुहू स्थित होटल को स्वास्थकर्मियों के लिए खोल दिया है. इसके अलावा जब पहले लॉकडाउन का ऐलान हुआ तो उन्होंने अपने पिता शक्ति सागर सूद की स्कीम बनाई और 45 हजार लोगों को खाना खिलाया. सोनू के पास इस समय जो भी मदद की गुहार लगा रहा है वह खुलकर उनकी मदद कर रहे हैं.

‘आखिरी मजदूर को जब तक घर न पहुंचा दूं’
लगातार लोगों की मदद और प्रवासी मजदूरों को सोनू सूद ने घर पहुंचाने का जिम्मा उठाया हुआ है. हाल ही में उन्होंने जब मीडिया से बात की तो बताया कि, मदद करने की प्रेरणा उन्हें माता-पिता से मिली है. वह मजदूरों की तब तक मदद करते रहेंगे जब तक आखिरी मजदूर को घर न पहुंचा दें. उनका कहना है कि, मैं अभी उन परिवारों की मदद के लिए भी विचार कर रहा हूं जिनके परिजन पैदल हादसे का शिकार हुए हैं. लेकिन, अभी कोई प्लानिंग नहीं की है. उनका कहना है कि, ‘मेरी कोशिश है सब खुशी-खुशी अपने घरों में रहे और आराम से रहें.’

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