वोडाफोन-आइडिया कंपनी को लगा अरबों का झटका, खतरे में एयरटेल कंपनी

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इस बार हफ्ते के आखिरी दिन भारत का शेयर बाजार उछाल पर रहा. इस दिन शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. कारोबार में शुक्रवार के दिन जहां सेंसेक्स पर 170 अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई तो वहीं निफ्टी में 50 अंक की बढ़त देखी गई. शेयर बाजार में सेंसेक्स मजबूत होकर जहां 40,500 के स्तर पर पहुंचा, तो वहीं निफ्टी 50 अंक की तेजी के साथ 11,920 पर पहुंच गई. साथ ही जहां 30 शेयरों के बीएसई इंडेक्स में 26 हरे निशान दिखे तो वहीं 4 शेयर बाजारों में गिरावट भी दर्ज की गई.

इसके साथ ही आपको इस बात की जानकारी दे दें कि बीते गुरूवार के दिन सेंसेक्स 170.42 अंक के उछाल के साथ 40,286.48 पर पहुंचा. तो वहीं निफ्टी 30.00 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 11,870.45 पर बंद हुआ. इसके अलावा दिनभर में हुई कारोबारी के बाद सेंसेक्स 40,348.61 के ऊपरी और 40,026.99 के निचले स्तर को छुआ. इसके साथ ही कारोबार में निफ्टी ने 11,895.65 के ऊपरी स्तर और 11,802.65 के निचले स्तर पर अपनी पहंच बरकरार रखी.

सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी आने की वजह…?
जानकारी की माने तो बाजार में सुधार तभी से हो गया है जब आरबीआई ने आगामी मौद्रिक समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में कटौती करने की संभावना को पेश किया था. बताया ये भी जा रहा है कि व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार लैरी कुडलो ने जब से अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता को सही दिशा दिखाई है तभी से एशिया बाजार में तेजी आई है.

वोडाफोन-आइडिया का हुआ सबसे भारी और ऐतिहासिक नुकसान
बता दें कि सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल आने के बाद शुक्रवार को हुए कारोबार में वोडाफोन-आइडिया के शेयर भाव में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया है. ये गिरावट कॉरपोरेट इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट है. इससे पहले भारतीय कंपनी की सबसे बड़ी गिरावट तिमाही घाटा था. जिसमें टाटा मोटर्स ने अक्टूबर-दिसंबर 2018 की तिमाही में 26,961 करोड़ रुपये का तिमाही नुकसान दर्ज कराया था.

फिलहाल ये दूसरी बार है जब किसी भारतीय कंपनी में इतने करोड़ की गिरावट दर्ज की गई हो. इस बार आइडिया और वोडाफोन को सबसे भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. दरअसल वोडाफोन-आइडिया को 50,921 करोड़ रुपये का झटका लगा है. जबकि एयरटेल को 23,045 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. लेकिन एयरटेल के शेयर में 2 फीसदी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है.

इसलिए हुआ इतना बड़ा घाटा
बता दें कि इन घाटों की सबसे बड़ी वजह एडजस्टेड ग्रास रेवेन्यू को बताया जा रहा है. गौरतलब है कि पिछले ही महीने एजीआर की बताई हुई व्यवस्था को सही ठहराया था. जिसके तहत इन टेलीकॉम कंपनियों की आय को भी एजीआर का हिस्सा मान लिया था. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद वोडाफोन-आइडिया, एयरटेल के अलावा और भी टेलीकॉम कंपनियों के ऊपर सरकार की कुल 1.4 लाख करोड़ रुपये का बकाया हो गया. इससे इन टेलीकॉम कंपनियों का बाजार डगमगा गया. और इसकी वजह कहीं न कहीं रिलायंस और जियो जैसी कंपनियों को माना जा रहा है.ये भी पढ़ें: एक बार फिर मोदी सरकार, शेयर बाजार ने पकड़ी जबरदस्त रफ्तार

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