केंद्र सरकार ने बदले कर्मचारियों की सैलरी से जुड़े बड़े नियम, आप भी जानें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने देशभर में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए है दरअसल कार्मिक, लोग शिकायत और पेंशन मंत्रालय के कर्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने केंद्रीय कर्मचारी के वेतन के लिए एक मेमोरेंडम जारी किया है। ये मेमोरेंडम कर्मचारियों के वेतन की सुरक्षा के लिए है। इस मेमोरेंडम में कहा गया है कि सातवें वेतन आयोग (7th pay commision) के मुद्देनजर केंद्र सरकार में डायरेक्ट भर्ती के जरिये अलग सेवा या कैडर में नए पद पर नियुक्ति होने के बाद कर्मचारी को वेतन की सुरक्षा मिलेगी। यह सुरक्षा सातवें वेतन आयोग के FR22-B(1) के तहत मिलेगी।

ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) की रिपोर्ट और CCS (RP) नियम-2106 के लागू होने पर राष्ट्रपति ने FR22-B(1) के तहत किए गए प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार के ऐसे कर्मचारियों को प्रोटेक्शन ऑफ पे की इजाजत दी है। जिनकी दूसरी सेवा या कैडर में प्रोबेशनर के तौर पर नियुक्ति हुई है। ये प्रोटेक्शन ऑफ पे हर हाल में केंद्रीय कर्मचारी को वेतन सुरक्षा देगा, चाहे उनके पास ज्यादा जिम्मेदारी हो या नहीं। डीओपीटी के ऑफिस मेमोरेंडम ने कहा कि FR 22-B(1) के तहत प्रोटेक्शन ऑफ पे को लेकर मंत्रालयों या विभागों से रेफरेंस लिया गया। जिसके बाद ही तय किया गया कि केंद्र सरकार के ऐसे कर्मचारी जो तकनीकी तौर पर इस्तीफा देने का बाद अगर केंद्र सरकार की अलग सेवा या कैडर में नए पद पर सीधी भर्ती से नियुक्त होते है उन्हें सातवें वेतन आयोग में जोड़ा जाएगा। इसके तहत ही इनके वेतन निर्धारित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं।

इसके आगे जारी मेमोरेंडम में कहा गया है कि ये नियम सिर्फ उन कर्मचारियों के लिए लागू होगा, जो दूसरी सेवा या कैडर में प्रोबेशन पर नियुक्त हुए है और उसके बाद उस सेवा में स्थायी तौर पर नियुक्त किया गया है। प्रोबेशन की अवधि के दौरान वह न्यूनतम टाइम स्केल पर वेतन निकालेगा या सेवा या पद की प्रोबेशनरी स्टेज पर निकासी करेगा। प्रोबेशन की अवधि के खत्म होने के बाद सरकारी कर्मचारी का वेतन सेवा के टाइम स्केल में या पद में तय किया जाएगा।

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