SBI कार्डधारकों को कर्ज चुकाने से मिलेगी राहत, जल्द होगी ये सुविधा लागू

52

देशभर में कोरोना महामारी का दौर अपने चरम पर है, जिसके चलते अधिकांश राज्यों में लॉकडाउन भी किया गया है। वहीं इन सबके बीच देश आर्थिक संकटों से भी जूझ रहा है। महामारी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। आलम यह है कि बेरोजगारी, भुखमरी की समस्या चरम पर पहुंच गई है। कोरोना संकट के बीच भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को राहत की खबर दी है। दरअसल कोरोना के चलते लोगों को आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ा है, जिन लोगों की बैंक ईएमआई अटकी पड़ी थी, उसको RBI ने मार्च 31 मई 2020 तक कर्ज लौटाने की छूट दी थी। लेकिन लोग इतने समय में भी अपनी EMI पूरी नहीं कर पाए। फिर बाद में इस अवधि को अगस्त तक बढ़ा दिया गया, लेकिन ग्राहक अब भी अपने कर्ज का भुगतान करने में असमर्थ हैं, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के भी ग्राहक हैं। इसे देखते हुए एसबीआई अपने ग्राहकों को कर्ज चुकाने के लिए और समय देने की सोच रहा है।

ये भी पढ़ें:-कर्ज लेने वालों की मुश्किलें होंगी कम, RBI करने जा रही है ये बड़ा ऐलान

बताया जा रहा है कि एसबीआई के जो ग्राहक लोन मोरेटोरियम के पहले तीन महीने का भुगतान नहीं कर रहे हैं. कंपनी उन्हें स्टैंडर्ड खाता मान रही है। बता दें कि रिस्ट्रक्चरिंग उस ग्राहक के लोन की होगी, जिसने पिछले कुछ समय से किश्तों का भुगतान नहीं किया है, और जो ग्राहक रेगुलर ईएमआई दे रहे हैं, उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा. रिस्ट्रक्चरिंग के तहत उदाहरण के लीजिए आपकी ईएमआई 10 हजार महीने की है।

अगर आपने 4 महीने से अपनी किश्त नहीं भरी है और आपका लोन चुकाने का समय 5 साल बाकी है. तो बैंक आपकी यह 4 महीने की ईएमआई उसी 5 साल में बांट देगा. यही नहीं, आप चाहते हैं कि आपकी ईएमआई की राशि कम हो जाए तो आप बैंक से अपने कर्ज भरने की समयसीमा बढ़वा सकते हैं. इससे आपको यह फायदा होगा कि आपकी ईएमआई मासिक कम हो जाएगी।

यह एक तरह से मोराटोरियम जैसी ही सुविधा है. लेकिन मोराटोरियम में आपको 3 महीने की दो बार सुविधा दी गई थी. यानी आपको 6 महीने की पूरी ईएमआई 6 महीने में ही देनी थी. आप चाहें तो दो महीने की साथ में दे सकते हैं. लेकिन रिस्ट्रक्चरिंग में ऐसा नहीं है. यहां आप अपनी समय सीमा को बढ़वा सकते हैं और वह लंबे समय तक बढ़ सकती है.

आपकी ईएमआई पूरे साल के लिए एक समान बंट जाएगी. रिस्ट्रक्चरिंग से यह फायदा है कि आपका लोन एनपीए नहीं होगा. आपकी क्रेडिबिलिटी सही रहेगी. बैंक आपसे वसूली नहीं करेगा।

एसबीआई कार्ड के सीईओ अश्विनी कुमार तिवारी ने जानकारी देते हुए कहा कि, एसबीआई कार्ड के अनुसार मई में उसके 7,083 करोड़ रुपए मोरेटोरियम में फंसे थे. हालांकि यह आंकड़ा कम होकर अब 1,500 करोड़ रुपये पर आ गया है।

ये भी पढ़ें:-देश की तीन बड़े सरकारी बैंकों ने घटाई ब्याज दरें, जानें ग्राहकों को कितना पहुंचा फायदा