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RBI Monetary Policy: आरबीआई ने दिया आम जनता को जोरदार झटका, मासिक किस्त में छूट नहीं

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अगर आप इस आस में थे कि आपके Home Loan और Car Loan पर EMI कम हो जाएगी, तो अब  ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा. बता दें कि RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने ब्याज दरों में किसी तरह के चेंजमेंट नहीं किये हैं.  RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की एक बैठक के बाद रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांता दास ने इस बात का खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सबको बताया और कहा कि MPC के सभी मेंबर्स ने ब्याज की दरों में किसी तरह के बदलाव ना करने का फैसला लिया है.

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रेपो रेट में बदलाव नहीं

आरबीआई के कमेटी बैठक में सभी मेंबर्स ने ब्याज दरों में किसी भी तरह का बदलाव हो उसके पक्ष में नहीं थे. आरबीआई के इस फैसलें के बाद रेपो रेट 4 फीसदी पर ही रहेगा. ये रेट इन श्रेणी में आते है, जिनपर बैंक्स रिजर्व बैंक से कर्ज लेते आ रहे हैं. इसी के साथ रिवर्स रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं होगा. ये भी 3.35 फीसदी पर ही स्थिर रहेगा. ये उन रेट की श्रेणी में आते हैं, जिन पर बैंक्स अपना पैसा आरबीआई के पास रखते है. इसी के साथ साथ MSF और बैंक की दरों में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है.

लॉकडाउन का दिखा असर

बैठक के बाद की गयी प्रेस कॉंन्फ्रेंस में RBI गवर्नर शक्तिकांता दास ने कहा कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए हर राज्य में लॉकडाउन की सिचुएशन है, जिसका सीधा असर ग्रोथ रिकवरी पर दिखेगा. रिजर्व बैंक के पॉलिसी ऐलानों का शेयर बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, पॉलिसी के बाद शेयर बाजारों में भी तेजी दिखाई दी है. इस समय बाजार सबसे ऊपरी स्तर पर चल रहे हैं.

RBI मॉनिटरी पॉलिसी द्वारा की गयी बातें

1- रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट में MPC  द्वारा किसी तरह का बदलाव नहीं किया है. इसमें रेपो रेट की दर 4 परसेंट और वहीं रिवर्स रेपो रेट की दर 3.35 परसेंट पर बरकरार रहेगा.

2- कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने GDP के लक्ष्य में कोई चेंजेस नहीं किये है. रिजर्व बैंक का ग्रोथ अनुमान वित्त वर्ष 2022 के लिए अब भी 10.5 फीसदी पर स्थिर रहेगा.

3- 2022 वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए GDP(सकल घरेलू उत्पाद)  ग्रोथ आउटलुक 22.6 परसेंट है, जबकि इसकी दूसरी तिमाही में ये 8.2 परसेंट रहने का अनुमान लगाया गया है.

4- ग्लोबल ग्रोथ में रिकवरी हो रही है, लेकिन इसमें भी अनिश्चतता बरकरार है. वैक्सीन बांटने का प्रभाव ग्लोबल इकोनॉमिक रिकवरी को तय करेगा.

5- कोरोना का असर खत्म होने तक जबतक जरूरी होगा “accommodative” रुख कायम रहेगा, यानी ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद आगे भी की जा सकती है

6- महंगाई को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बोला कि आने वाले 6 महीने तक इसमें तेजी दिखाई देगी. इसके बाद साल के अंत में इसमें कमी आती जाएगी. वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में रीटेल महंगाई दर (CPI) 5 परसेंट रहने का अनुमान लगाया गया है, जो कि पहले 5.2 परसेंट थी.

7- 2022 वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में रीटेल महंगाई का कयास 5.2 परसेंट लगाया गया है और तीसरी तिमाही में ये 4.4 परसेंट और चौथी तिमाही में 5.1 परसेंट रहने का अनुमान लगाया जा रहा है.

8 – पेमेंट सिस्टम को लेकर भी रिजर्व बैंक ने बड़ा ऐलान कर दिया है कि, बैंक के अलावा भी RTGS, NEFT की सुविधा भी सबको मिलेगी.

9- इसके अलावा फिनटेक और पेमेंट कंपनियों को सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम का हिस्सा बनने के लिए RBI ने परमिशन दे दी है.

10- अब किसी भी व्यक्ति से 2 लाख रुपये तक का डिपॉजिट पेमेंट बैंक्स जमा करा सकते हैं,  बता दें कि अभी तक इस रकम की कीमत 1 लाख रुपये थी.

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