अगर करते हैं आप डेबिट व क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल? तो जान लें इन नियमों को, नहीं तो फिर.. 

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भारतीय रिजर्व बैंक समय-समय पर ऐसे सभी नियमों को लागू करती रहती है, जो कि बैंक के ग्राहकों के लिए लाभकारी व हितकारी साबित हो सके। इस बीच अब आरबीआई ने एक ऐसा ही नियम उन सभी लोगों के लिए भी लागू किया है, जो आमतौर पर डेबिट कार्ड व क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे सभी लोगों की वित्तीय लेन-देन महफूज रह सके। इसके लिए आरबीआई ने बड़ा कदम उठाया है। आरबीआई ने अक्टूबर 2020 से सभी डेबिट व क्रे़े़डिट कार्ड वालों के लिए इन नियमों को मानना जरूरी कर दिया है। बता दें कि इस नियम के तहत क्रेडिट और डेबिट कार्ड उपयोगकर्ता अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन, ऑनलाइन लेनदेन और संपर्क रहित कार्ड लेनदेन के लिए प्राथमिकताएं दर्ज कर सकते। इस नए नियम के तहत अब आप अपनी सुविधा के अनुसार अपने डेबिट व क्रेडिट कार्ड को अपनी सुविधा के अनुसार बंद कर सकते हैं।

इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए इन्फ्रासॉफ्टटेक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश मिर्जांकर बताते हैं कि अब इस नए नियम के तहत बैंक अगर चाहे तो मौजूदा कार्ड को डिएक्टवेट भी कर सकते हैं। उधर, आरबीआई  ने अब सभी बैंक और कार्ड जारी करने वाली कंपनियों के ऑनलाइन भुगतान को अयोग्य बता दिया है। इसके साथ ही अगर उपोयगकर्ता अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन देने करना चाहते हैं, तो फिर आप बैंक क्षमता के अनरूप लेन-देन कर सकते हैं।

उधर, इन्फ्रासॉफ्टटेक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कहते हैं कि यह कदम इसलिए उठाया गया है कि वित्तीय लेन-देने करने के दौरान उपयोगकर्ता की सारी जानकारी महफूज रह सके। इसलिए यह कदम उठाया गया है। चौपड़ा कहते  हैं कि इस कार्ड सुधार से उपोयगकर्ताओं को बहुत तरह के फायदे मिल सकेंगे। मसलन,  अंतरराष्ट्रीय खर्चों का प्रबंधन हो सकेगा। आर्थिक गतिविधियों के दौरान उपयोगकर्ता की जानकारी सुरक्षित रहेगी। कार्ड को धोखाधड़ी से  रोका जा सकता है। ये भी पढ़े  :नोटबंदी पर आरबीआई की वो कहानी, जिसे शायद आप नहीं जानते..पढ़िए