भाई अनिल अंबानी की संपत्ति पर थी मुकेश अंबानी की नजर, जल्द करने वाले हैं अपने नाम

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दुनिया में खुद को अमीर व्यक्तियों में शुमार करने वाले धीरूभाई अंबानी (Dhirubhai Ambani) एक बिजनेस टाइकून रहे हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत नथिंग यानि कुछ नहीं से की थी और अब अंबानी का नाम दुनिया भर में मशहूर है। धीरूभाई अंबानी अब भले ही इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी इस रहीसी को आगे ले जाने का काम उनके बेटे बखूबी कर रहे हैं। धीरूभाई ने अपनी प्रॉपर्टी का आधा आधा हिस्सा दोनों बेटों अनिल और मुकेश अंबानी के नाम कर दिया, लेकिन इस वक्त दोनों भाइयों के बीच जमीन आसमान का फर्क है। एक भाई जहां कर्ज में डूबा है तो वहीं एक भाई एशिया का सबसे अमीर व्यक्ति है।

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मुकेश अंबानी दुनिया के शीर्ष अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में शुमार हैं, वहीं अनिल अंबानी कर्ज में डूबे हैं। अनिल अंबानी ने खुद लंदन के एक अदालत में स्वीकार किया था कि उनका नेटवर्थ जीरो है, जबकि बड़े भाई मुकेश अंबानी की संपत्ति 75 बिलियन डॉलर से भी अधिक है। यही नहीं, अनिल अंबानी पर जहां लोग इनवेस्ट करने से कतराते हैं, वहीं मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो पर इस साल दुनियाभर की कई कंपनियों ने इनवेस्ट किया है। अब जल्द ही मुकेश अंबानी छोटे भाई अनिल अंबानी की कंपनी भी खरीदने वाले हैं।

दरअसल, मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) जल्द ही बड़े भाई अनिल अंबानी की इंफ्राटेल की संपत्ति अपने नाम करने वाले हैं। इसके लिए अब रिलायंस जियो को मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने रिलायंस इंफ्राटेल के रिजॉल्यूशन प्लान की मंजूरी रिलायंस जियो को दे दी है। इसका मतलब अब अनिल अंबानी की इंफ्राटेल पर मुकेश अंबानी का हक होगा। अब इसके सभी फाइबर लाइन मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो के पास होगी।

बता दें कि, रिलायंस इंफ्राटेल के देशभर में 43 हजार टॉवर और एक लाख 72 हजार किलोमीटर की फाइबर लाइन हैं, जिसका अधिग्रहण रिलायंस जियो करेगी। इसके जरिए कर्जदाता 4 हजार करोड़ रुपए की रिकवरी कर सकेंगे। इंफ्राटेल रिजॉल्यूशन प्लान को 100 फीसदी मत मिले हैं। जानकारी के लिए बता दें, इंफ्राटेल के अलावा अनिल की रिलायंस कैपिटल भी कर्ज में डूबी है। इस कंपनी पर 31 अक्टूबर 2020 तक 20 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था। अनिल अंबानी की कई कंपनियों का फिलहाल अधिग्रहण जारी है।

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