देश के 3 बड़े एयरपोर्ट को लीज पर देगी मोदी सरकार, 50 साल की होगी डील

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बड़े फैसले लिए। जिसमें निजीकरण भी शामिल है। बैठक में केंद्र सरकार ने कई चीजों के निजीकरण पर मुहर लगाई है। जिसमें बैंक से लेकर एयरपोर्ट शामिल है। दरअसल केंद्र सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट के निजीकरण पर भी मुहर लगा दी है। जिसके बाद अब सरकार कई बड़े एयरपोर्ट को लीज पर देने वाली है। इस लिस्ट में जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट शामिल है जिसे पीपीपी मॉडल के तहत ही लीज पर दिया जाएगा। सरकार इन एयरपोर्ट को पूरे 50 साल के लिए लीज पर देगी।

1070 करोड़ का होगा फायदा
दरअसल कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि सरकार ने 3 एयरपोर्ट को लीज पर देने का फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले के बाद 1070 करोड़ रुपये मिलेंगे। जिससे अब छोटे शहरों में भी एयरपोर्ट बनाए जा सकते है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने फैसला लिया है कि लीज से मिलने वाली रकम से छोटे शहरों में एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। इसके अलावा सरकार के इस फैसले का दूसरा फायदा भी है। इस पैसे से यात्रियों को कई नई सुविधा दी जाएगी। जो यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद होगी।

जानें क्यो लिया ये फैसला
सरकार ने ये फैसला इसलिए लिया है क्योंकि उनका मानना है कि ऐसे एयरपोर्ट लीज पर देने से निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा एयरपोर्ट पर होने वाले घाटे को कम किया जा सकता है। बता दें कि Airport Authority of India के पास 100 से ज्यादा एयरपोर्ट है। जिसमें से 90 घाटे में चल रहे है। इसी वजह से अब तक सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत कई एयरपोर्ट को लीज पर पहले ही दे दिया था। अब तक सरकार ने लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी में हवाई अड्डों का निजीकरण कर दिया था।

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