कोरोना संकट के बीच भारत को मिला खजाना, शीर्ष स्तर पर पहुंचा विदेश मुद्रा भंडार

561
करेंस

कोरोना वायरस की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लंबे समय के लिए लॉकडाउन लगाया था। इस लॉकडाउन की वजह से देश की आर्थिक रफ्तार पूरी तरह थम गई थी। जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर देखने को मिला था। कोरोना काल मे लगे लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही थी। जिस वजह से हर कोई चिंता में आ गया था लेकिन इस बीच अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक राहत की खबर आई है दरअसल कोरोना काल में देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसकी जानकारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से दी गई। इस दौरान आरबीआई ने कहा है कि विदेशी मुद्रा भंडार अपने शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक, देश का विदेशी मुद्रा भंडार में 31 जुलाई को खत्म हुए सप्ताह के दौरान 11.94 अरब डॉलर की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 534.6 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार 13.4 महीने के आयात खर्च (Import Expenses) के बराबर है। इससे पहले 24 जुलाई को खत्म हफ्ते में भी विदेशी भंडार 4.993 अरब डॉलर बढ़कर 522.630 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। वहीं, 5 जून को खत्म हुए सप्ताह में पहली बार देश का विदेशी मुद्रा भंडार 500 के रिकॉर्ड स्तर से ऊपर निकल गया था। बताया जा रहा है कि 31 जुलाई 2020 को समाप्त सप्ताह में फॉरेन करेंसी असेट्स बढ़ी थी। जिस वजह से ही विदेशी मुद्रा के भंडार में बढ़ोतरी हुई है। ये मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होता है।

इसके आरबीआई ने बताया कि एफसीए भी 10.35 अरब डॉलर बढ़कर 490.83 अरब डॉलर हो गई है। एफसीए बढ़ने की वजह से समीक्षाधीन सप्ताह में सोने का भंडार भी बढ़ गया है। अब ये 1.53 अरब डॉलर से बढ़कर 37.63 अरब डॉलर हो गया है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत का आरक्षित मुद्रा भंडार भी बढ़ गया है। यहां पर भारत का आरक्षित मुद्रा भंडार 5.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.64 अरब डॉलर हो गया है।

ये भी पढ़ें:-पीएम किसान योजना: अगर खाते में नहीं आए छठी किस्त के पैसे, तो जल्दी करें ये काम