PM Kisan योजना में सरकार ने दिखाई सख्ती, जांच के दिए आदेश,जानिए किन किसानों पर की जाएगी वसूली

सरकार ने पीएम किसान के लाभार्थियों रिकॉर्ड को जांचने का आदेश दिया है। सरकार ने किसानों की जमीनों को जांचने के लिए कहा है अब कागज और जमीन दोनों की जांच होगी।

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PM Kisan

देश में सभी किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ दिया जा रहा है। वहीं अब सरकार ने पीएम किसान योजना को लेकर काफी सख्ती बरत दी है। सरकार ने अब इस योजना में जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। दरअसल आपको पता ही होगा कि सरकार सालाना 6 हजार रुपए किसानों के खातों पर भेजती है सरकार हर 3 महीने 2000 रुपए किस्त के तौर पर किसानों के खाते में भेजती है। वही आपको बता दे अब सरकार ने पंजीकृत किसानों के कागजातों की जांच करने के निर्देश दे दिए हैं। सरकार ने पीएम किसान के लाभार्थियों रिकॉर्ड को जांचने का आदेश दिया है। सरकार ने किसानों की जमीनों को जांचने के लिए कहा है अब कागज और जमीन दोनों की जांच होगी।

किसानों की जमीन और कागजो की होगी जांच

दरअसल सरकार ने पीएम किसान योजना के सभी किसान लाभार्थियों की जमीन और कागजों को जांचने का आदेश दे दिया है उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि योजना के लिए आवेदन करने वाले वाले सभी किसानों को लैंड रिकॉर्ड की मैपिंग की जाए। इस निर्देश से यह पता चल जाएगा कि किन-किन किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। आपको बता दें प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है प्रयागराज में 6.96 लाख किसानों के लैंड रिकार्ड को जांचा गया है।

वहीं इस दौरान कई सारी खामियां पाई गई हैं आ गए दोनों में बहुत जगह खामियां भी पाई गई हैं फर्जी दस्तावेज बनाकर आधार पर आवेदन किया गया था जिसके चलते लोग इस योजना का लाभ उठा रहे थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना में सभी किसानों की जमीन और कागजों की जांच करने का निर्देश दे दिया गया है वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रयागराज में कुल 6.96 लाख लोगों ने योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था जांच में कुछ गड़बड़ी दिखाई दे रही है।

फर्जी लाभार्थियों पर करी जाएगी वसूली

वही आपको बता दें जो लोग गलत तरह से फर्जी कागजात बनवाकर फर्जी जमीन दिखाकर इस योजना का लाभ उठा रहे थे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल सरकार की इस योजना में यह प्रक्रिया है जिसके पास कृषि भूमि है वही व्यक्ति इस सरकार की योजना का लाभ उठा सकता है। वही आपको बता दें सरकार ने इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ खास शर्ते व नियम भी बनाए हैं। दरअसल सीबीटी के नए नोटिफिकेशन के अनुसार अब इलेक्ट्रॉनिक रूप से रिटर्न प्रस्तुत करने की तारीख वह नहीं मानी जाएगी फॉर्म itr-v इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाटा ट्रांसमिटर करने की तारीख के 30 दिनों के भीतर जमा किया जाएगा। अब सरकार के इस निर्देश को अधिकारी भी काफी सख्त हो चुके अधिकारी अब अपनी प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं अधिकारी भी जांच करने में जुट गए हैं।

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