नई दिल्ली। सोने के जेवरों की अनिवार्य हॉलमार्किंग के पहले चरण को शानदार सफलता मिली है। इस बात का दावा करते हुए सरकार ने जीजेसी (अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद) से अनुरोध किया है कि वह 23 अगस्त को हड़ताल पर जाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। जीजेसी ने एचयूआईडी के साथ आभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग के सरकार के फैसले के खिलाफ सोमवार को राष्ट्रव्यापी सांकेतिक हड़ताल का आह्वान किया है। बीआईएस (ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंड‌र्ड्स) के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी ने एक वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सरकार इस क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गौर कर रही है। ऐसे में हड़ताल पर जाना ठीक नहीं है। तिवारी ने इससे पहले 19 अगस्त को उद्योग से जुड़े लोगों के साथ बैठक का हवाला देते हुए कहा कि कई ज्वैलर्स एसोसिएशन ने हड़ताल का विरोध किया था। उन संगठनों का कहना था कि वे नई एचयूआइडी प्रणाली का समर्थन करते हैं, क्योंकि यह छोटे और मध्यम श्रेणी के ज्वैलर्स के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि हम ज्वैलर्स के साथ नियमित रूप से बातचीत करेंगे।

क्या है हॉलमार्किंग

हालमार्क उस उत्पाद की गुणवत्ता की सरकारी गारंटी है। हालमार्क का निर्धारण भारत की एकमात्र एजेंसी ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआइएस) करती है। हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाए जाने की चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत पहले चरण में सोने के आभूषणों व कलाकृतियों की हॉलमार्किंग इस वर्ष 16 जून से लागू है। सरकार ने पहले चरण के अमल के लिए 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 256 जिलों की पहचान की है। असली हालमार्क पर बीआईएस का तिकोना निशान होता है। उस पर हॉलमार्किंग केंद्र का लोगो होता है- सोने की शुद्धता भी लिखी होती है-आभूषण निर्माण तिथि और ज्वैलर का लोगो भी होता है।

ग्राहकों को मिलेगा फायदा

देश के अधिकतर हिस्सों में ग्राहकों को 22 कैरेट के बजाय 21 कैरेट सोना बेचा जाता है। हालांकि ज्वैलरी का दाम 22 कैरेट या 24 कैरेट के अुनसार लिया जाता है। हालमार्क होने से यह झूठ पकड़ा जा सकेगा। साथ ही ज्वैलरी की बिक्री देशभर में कहीं भी उचित दाम पर की जा सकेगी। सही हालमार्क नहीं होने पर पहले ज्वैलर को नोटिस जारी किया जाएगा। हॉलमार्किंग के लिए ज्वैलर्स को लाइसेंस भी लेना होगा। नियमों के मुताबिक एक लाख से लेकर ज्वैलरी के दाम के पांच गुना तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। धोखाधड़ी पर जुर्माना के साथ एक साल तक की कैद भी हो सकती है। जांच के लिए सरकार ने बीआईएस-केयर नाम से एप भी लांच किया है। एप पर शुद्धता की जांच के साथ शिकायत की भी सुविधा मौजूद है।

वहीं मौजूदा शासन से ज्यादा संवेदनशील सरकार नहीं मिलेगी। एचयूआईडी देश और उपभोक्ताओं के हित में उठाया गया एक बड़ा कदम है। ऐसे में हम जीजेसी से अपील करते हैं कि वह हड़ताल पर जाने का आह्वान वापस ले। तिवारी का कहना था कि बीते 16 जून के बाद शुरुआती 50 दिनों में ही एक करोड़ से अधिक ज्वैलरी की हॉलमार्किंग हो चुकी है। रोजाना चार लाख से अधिक गोल्ड ज्वैलरी की हॉलमार्किंग हो रही है।

देश में सालाना 10 करोड़ ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग की क्षमता विकसित हो चुकी है। हालांकि डब्लूजीसी (व‌र्ल्ड गोल्ड काउंसिल) समेत कई संगठनों का अनुमान है कि देश में लागू होने के बाद रोजाना कुल 10 से 12 करोड़ नग ज्वैलरी हॉलमार्किंग क्षमता की जरूरत होगी। अब तक 91 हजार से अधिक ज्वैलरों ने इसके लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है। तिवारी ने जोर देकर कहा कि कुछ और भी रियायतों और सहूलियतों के बारे में जल्दी ही अधिसूचना जारी की जाएगी।

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