आज से बदले चुके हैं ATM और Bank account के नियम, अच्छे से जानें नहीं तो चुकाना पड़ जाएगा भारी जुर्माना

0
1886

1 जुलाई की शुरूआत के साथ ही बहुत कुछ बदलाव हुआ है। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच यह बदलाव खासा मायने रखते हैं। मायने इसलिए क्योंकि यह बदलाव आने वाले दिनों में आम आदमी को खासा प्रभावित कर सकते हैं। चाहे बैंक (BANK) हो या फिर एटीएम(ATM)..घरेलू सिलेंडर (LPG CYLINDER) हो या फिर कोई सरकारी योजना (GOVT PLANE) कई चीजों में एक जुलाई (1st JULY) की शुरूआत से कई बदलाव किए गए हैं, जो आपको खासा प्रभावित कर सकते हैं। तो इन बदलावों को सिलसिलेवार तरीके से जानने के लिए पढ़िए हमारी ये खास रिपोर्ट

ये भी पढ़े :1 जुलाई आते ही आम आदमी को लगा बड़ा झटका, LPG गैस सिलेंडर में हुई बढ़ोतरी, जानें नई कीमत 

ATM के नियमों में हुआ ये बड़ा बदलाव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (nirmala sitharaman) ने 24 मार्च 2020 को लॉकडाउन (lockdown) की घोषणा के दौरान लोगों की सहूलियतों के लिए (ATM CHARGE) बचत खाते (SAVING ACCOUNT) में न्यूनतम राशि जमा करने के प्रावधान को समाप्त कर दिया था। उन्होंने यह सहूलियत महज 3 महिने यानी की 30 जून तक ही दी थी, जिसके बाद अब एक जुलाई से यह बाध्यता सामाप्त हो रही है। यह बाध्यता सामाप्त होने के बाद अब ATM से पैसों का ट्रांजक्शेन करने के दौरान शुल्क अदा करना पड़ सकता है। साथ ही यदि आपका बचत खाता है और उसमें न्यूनतम राशि जमा होनी चाहिए नहीं तो इसके एवज में आपको जुर्माना अदा करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि बचत खाते में कम से कम 10 से 15 हजार रूपए की राशि जमा होनी चाहिए। ऐसा न होने की स्थिति में आपको उचित जुर्माना देना पड़ सकता है।

स्थिति दुरूस्त होने में लग सकता है समय 
कंफेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्‍ट्री के डायरेक्‍टर के श्रीनिवास ने इस संदर्भ में कहा कि लॉकडाउन (LOCKDOWN) के कारण आर्थिक लेन-देन प्रभावित हुआ है। लॉकडाउन के चलते लोग बहुत कम ही एटीएम से पैसा लेने पहुंच रहे हैं। हालांकि अनलॉक (unlock) में तमाम गतिविधियां शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी भी लोग पहले की तरह ATM में पैसा निकालने नहीं पहुंच रहे हैं। इन सब के बाद अब लोगों ने आर्थिक लेन-देन करना भी बंद कर दिया है। RBI ट्रांजक्शैंन में भी 30 फीसद तक कमी आई है। उनका कहना है कि इन सब स्थितियों को मद्देनजर रखते हुए ऐसा मालूम पड़ता है कि अभी स्थिति दुरूस्त होने में समय लगेगा।

वैसे क्या है सामान्य नियम 
सामान्य तौर पर कोई भी बैंक (Bank) एक महिने में पांच फ्री लेन-देन की सुविधा देते हैं। कई बैंक महज तीन बार तक ही लिमिट देते हैं। अगर कोई ग्राहक इस सीमा को पार करता है तो उसे 80 से 10 प्रतिशत तक का शुल्क अदा करना पड़ सकता है। यह शुल्क इस बात पर निर्भर करता है कि ग्राहक ने कितने तक का लेन देन किया है। लेकिन लॉकडाउन के दौरान सरकार ने इन नियमों में ढील बरती थी, जिसे अब वापस ले लिया गया है।

ये भी पढ़े :1 जुलाई आते ही आम आदमी को लगा बड़ा झटका, LPG गैस सिलेंडर में हुई बढ़ोतरी, जानें नई कीमत