हाल ही में राजनीति से संन्यास की घोषणा कर चुके प्रसिद्ध शिक्षाविद और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। चुनावी मैदान में उतरने के बाद उन्होंने महसूस किया कि राजनीति उनके स्वभाव और जीवनशैली के अनुरूप नहीं है। इसके बाद उन्होंने AAP से नाता तोड़ने का फैसला लिया। राजनीति से अलग होने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की, जिसे उनके बदलते राजनीतिक विचारों की नई दिशा माना जा रहा है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है, जिसमें लोग उनके निर्णय की अलग-अलग व्याख्याएं कर रहे हैं।
चुनावी अनुभव ने बदली सोच
अवध ओझा ने बताया कि राजनीति में आने का उनका फैसला सोचा-समझा था, लेकिन चुनाव लड़ने के बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि राजनीति सिर्फ भाषण देने या लोकप्रियता से नहीं चलती। उन्होंने कहा कि मैदान में उतरकर उन्हें असल दुनिया की राजनीति समझ आई, और यह अनुभव किसी भी किताब या मंच से कहीं अलग था। उन्हें एहसास हुआ कि राजनीति में समय, ऊर्जा और रणनीति की जरूरत होती है, जो वह अपने निजी और शिक्षण कार्यों के साथ संतुलित नहीं कर पा रहे थे। इसी वजह से उन्होंने राजनीतिक क्षेत्र से बाहर आने का मुश्किल लेकिन सही फैसला लिया।
‘आप’ से क्यों तोड़ा नाता?
अवध ओझा ने साफ कहा कि AAP से बाहर आने का कदम किसी विवाद या नाराजगी के कारण नहीं था, बल्कि उनकी अपनी समझ के अनुसार यह उनके लिए उचित निर्णय था। उन्होंने बताया कि पार्टी ने उन्हें मौका दिया, लेकिन वह खुद को राजनीति के ढांचे में ढाल नहीं पाए। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में आने के बाद उनकी प्राथमिकताओं में लगातार टकराव महसूस हो रहा था—एक तरफ समाज को शिक्षा और प्रेरणा देने का उनका उद्देश्य, और दूसरी तरफ राजनीति की नीतियां और जिम्मेदारियां। इन परिस्थितियों में उन्होंने ‘आप’ से अलग होकर खुद की मूल पहचान पर वापस लौटने का निर्णय लिया।
पीएम मोदी की फिर की खुलकर तारीफ
राजनीति छोड़ने के तुरंत बाद अवध ओझा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि देशहित में पीएम मोदी की नीतियां और नेतृत्व प्रशंसनीय हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी में नेतृत्व की वह ताकत है जो देश को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी होती है। ओझा ने यह भी बताया कि राजनीति में उतरने से पहले से ही वह मोदी के काम को पसंद करते रहे हैं, लेकिन चुनावी माहौल में वह अपने विचारों को खुलकर व्यक्त नहीं कर पाए थे। अब राजनीति से हटने के बाद उन्होंने अपने मन की बात सच्चाई के साथ सामने रखी।
अब आगे क्या करेंगे अवध ओझा?
राजनीति छोड़ने के बाद अवध ओझा अब पूरी तरह से शिक्षा और मोटिवेशनल कार्यों पर ध्यान देने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज को जागरूक करना, युवाओं को दिशा देना और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान करना उनका असली उद्देश्य है। राजनीति से दूर होने के बावजूद वह सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे, लेकिन किसी राजनीतिक मंच से नहीं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में वह शिक्षा से जुड़े नए प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं, जिनका लक्ष्य युवाओं की सोच और करियर में सकारात्मक बदलाव लाना होगा।
