साइकिलिंग का शौक पड़ेगा भारी, चुकाना पड़ सकता है भारी-भरकम चालान!

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bicycle challan on the road in car stand

कोरोना काल में लोगों में साइकिलिंग का चस्का खूब देखने को मिला. भले ही पार्क में घूमने की मनाही थी लेकिन लोग खुद को फिट रखने की चाह से रोड पर ही साइकिल चलाने लगे. इस दौरान ऐसे भी हालात बने जब स्टोर्स पर साइकिल्स की डिमांड बढ़ने की वजह से कमी आ गई और जैसे ही लॉकडाउन खुला तो वाहनों की आवाजही शुरू हुई और लोगों ने अपनी कारों में साइकिल रैक लगवा लिए जिससे साइकिल को भी दूसरी जगह पर ले जाया जा सके और मौका मिलने पर अपने शौक को भी पूरा किया जा सके. लेकिन कारों में लगे साइकिल रैक और स्टैंड पर अब पुलिस की नजरें पड़ चुकी हैं.

साइकिलिंग का शौक पड़ेगा भारी
अगर आपको भी साइकिलिंग का शौक है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि ये शौक आपकी जेब भी खाली कर सकता है. हाल ही का मामला बेंगलुरु से सामने आया है. बैंगलोर मिरर के मुताबिक पुलिस ने एक शख्स का 5,000 रुपये का चालान काट दिया क्योंकि उसने अपनी गाड़ी के पीछे साइकिल स्टैंड लगाया हुआ था और एक से ज्यादा साइकिल्स लगी थीं. ये घटना घटी है इलेक्ट्रॉनिक सिटी के रहने वाले पारसनाथ के साथ जो अपने बेटे के साथ कार में सफर कर रहे थे.

मेयर को नहीं पता
पुलिसकर्मी ने जब चालान काटा और पारसनाथ ने वजह पूछी तो पुलिस ने कहा कि सिर्फ एक साइकिल ले जाने की परमिशन है और कार रैक या स्टैंड लगाने के लिए आरटीओ से अनुमति लेनी जरूरी है. cycling car racksअगर आपके पास अनुमति नहीं है तो आपको 5,000 रुपये तक का चालान भरना पड़ सकता है. इस बारे में अब बेंगलुरु के मेयर और साइक्लिस्ट सत्या शंकरन का कहना है कि उन्हें पहली बार इसके बारे में पता चला है.

दूसरों की जानमाल को खतरा
बेंगलुरू से ये मामला सामने आने के बाद हल्ला मचना शुरू हो गया. वैसे तो सेंट्रल मोटर व्हीकल्स एक्ट 1988 में सेक्शन 52(1) में स्टाई या अस्थाई अटैचमेंट के बारे में स्पष्ट नहीं किया गया है. लेकिन राज्य के एडीजीपी और साइक्लिस्ट भास्कर राव का कहना है कि, साइकिल ले जाने पर किसी तरह का जुर्माना नहीं है. पर अगर आपने उसे पीछे या ऊपर की तरफ लटकाया गया है तो इससे दूसरे लोगों की जानमाल को खतरा हो सकता है. जबकि ट्रैफिक पुलिस का कहना है गाड़ी भी किसी भी तरह का मॉडिफिकेशन कराने के लिए आरटीओ की परमिशन जरूरी है.

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