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 खेलते-खेलते बच्ची ने पी ली खांसी की दवा, रातभर सोती रही मासूम; सुबह अस्पताल पहुंचते ही मचा हड़कंप

हरदोई में चार साल की अलकाफिया की कफ सिरप की ओवरडोज से संदिग्ध मौत हो गई। खेलते समय बच्ची ने खांसी की दवा पी ली थी। सुबह अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

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Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां चार साल की बच्ची की कफ सिरप की अधिक मात्रा पीने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान टड़ियावां थाना क्षेत्र के हर्रई गांव निवासी सद्दाम की बेटी अलकाफिया के रूप में हुई है। बच्ची अपने परिजनों के साथ सांडी थाना क्षेत्र के पेराड़ी गांव में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। बुधवार शाम करीब सात बजे वह कमरे में रखी खांसी की दवा तक पहुंच गई और खेलते-खेलते उसे पी लिया। कुछ देर बाद बच्ची सो गई। परिवार वालों को उस समय अंदाजा भी नहीं था कि यह घटना इतनी गंभीर हो सकती है।

दादी को खुद बताई थी दवा पीने की बात, फिर सो गई मासूम

बच्ची की दादी शबीना बेगम के मुताबिक, घर में पहले से कफ सिरप रखी हुई थी। बुधवार शाम एक बुजुर्ग रिश्तेदार ने खांसी होने पर उसी दवा का इस्तेमाल किया था। इसी दौरान पास में खेल रही अलकाफिया ने सिरप पी लिया। हैरानी की बात यह रही कि बच्ची ने खुद अपनी दादी को बताया कि उसने खांसी की दवा पी ली है। इसके बाद वह कुछ देर तक खेलती रही और फिर सो गई। परिजनों ने उसकी नींद को सामान्य समझा और किसी बड़ी परेशानी की आशंका नहीं जताई।

पूरी रात नहीं उठी बच्ची, सुबह अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

गुरुवार सुबह जब काफी देर तक अलकाफिया की नींद नहीं खुली तो परिवार के लोग घबरा गए। वे तुरंत उसे स्थानीय डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। बच्ची की गंभीर हालत देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी गई। परिजन आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अमित आनंद के अनुसार, बच्ची के अस्पताल पहुंचने तक उसकी मौत हो चुकी थी। ईसीजी जांच में भी दिल की धड़कन नहीं मिली।

बच्चों की पहुंच से दूर रखें दवाइयां, छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

डॉक्टरों ने बताया कि कुछ कफ सिरप में मौजूद दवाओं के कारण छोटे बच्चों को गंभीर नींद, बेहोशी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, इस मामले में मौत का अंतिम कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। विशेषज्ञों की सलाह है कि बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के खांसी की दवा नहीं देनी चाहिए। साथ ही सभी दवाइयों को बच्चों की पहुंच से दूर और सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है। अलकाफिया की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।

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