बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बावजूद बाबा बागेश्वर की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। अब सांसद पप्पू यादव इस मामले को लेकर दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंच गए हैं। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ शिकायत देकर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि पप्पू यादव इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। इस घटनाक्रम ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है। पहले संत समाज और राजनीतिक दलों के नेताओं ने आपत्ति जताई थी, लेकिन अब पुलिस तक मामला पहुंचने से बाबा बागेश्वर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या इस शिकायत के बाद धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी?
पप्पू यादव ने क्यों पहुंचकर दी पुलिस को शिकायत?
भगवान श्रीकृष्ण को लेकर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी सामने आने के बाद कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इसी कड़ी में सांसद पप्पू यादव ने भी नाराजगी जाहिर की और शिकायत लेकर संसद मार्ग थाने पहुंच गए। उनका आरोप है कि बाबा बागेश्वर के बयान से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। वह चाहते हैं कि पुलिस इस मामले में शिकायत दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करे। हालांकि, शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। दूसरी तरफ यादव समाज के कई संगठनों ने भी इस टिप्पणी के खिलाफ विरोध जताया है। कुछ स्थानों पर प्रदर्शन और पुतला दहन की खबरें भी सामने आई हैं।
अखिलेश से तेजस्वी तक, कई बड़े नेताओं ने खोला मोर्चा
इस विवाद पर विपक्षी दलों के कई नेताओं ने धीरेंद्र शास्त्री की आलोचना की है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे ईशनिंदा बताते हुए उनके कार्यक्रमों पर आजीवन प्रतिबंध लगाने और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। वहीं, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भगवान श्रीकृष्ण पर की गई टिप्पणी को अशोभनीय और अमर्यादित बताया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और कृष्ण एक-दूसरे के पूरक हैं और धार्मिक एकता को कमजोर करने वाली बातों से बचना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी धीरेंद्र शास्त्री पर तीखी टिप्पणी की है। इसके अलावा कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस बयान पर सवाल उठाए हैं।
संत समाज ने भी जताई नाराजगी, कार्रवाई की उठी मांग
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी को लेकर केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि संत समाज के कुछ लोगों ने भी कड़ी नाराजगी जाहिर की है। संतों ने कथावाचकों को धार्मिक विषयों पर बोलते समय मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी है। उनका कहना है कि भगवान राम और श्रीकृष्ण दोनों सनातन धर्म के आराध्य हैं और उनकी तुलना को लेकर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। कुछ संतों ने चेतावनी दी है कि यदि इस तरह की टिप्पणियां जारी रहीं तो वे विरोध के लिए सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने मामले का उच्च स्तर पर संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग भी की है।
माफी के बाद भी क्यों नहीं थम रहा विवाद?
दरअसल, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण की लीलाओं का जिक्र करते हुए टिप्पणी की थी। वीडियो वायरल होने के बाद विवाद शुरू हुआ। इसके बाद बाबा बागेश्वर ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया और उनका उद्देश्य दोनों भगवानों में भेद करना नहीं था। उन्होंने इसे भाव और विनोद में कही गई बात बताते हुए माफी भी मांगी। हालांकि, लगातार सामने आ रही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और विरोध प्रदर्शनों से साफ है कि मामला अभी शांत नहीं हुआ है। अब सबकी नजर पप्पू यादव की शिकायत और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
