LPG Cylinder Price: रसोई गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले करोड़ों परिवारों के लिए दिसंबर का महीना अहम हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेजी के चलते तेल कंपनियों का नुकसान लगातार बढ़ रहा है। अनुमान है कि दिसंबर 2026 में घरेलू LPG सिलेंडर पर कंपनियों की अंडर-रिकवरी बढ़कर 370 रुपये तक पहुंच सकती है। नवंबर में यह आंकड़ा करीब 309 रुपये था। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के निदेशक (वित्त) अनुज जैन ने इस स्थिति की जानकारी दी है। हालांकि, अंडर-रिकवरी बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत भी सीधे 370 रुपये बढ़ जाएगी। लेकिन तेल कंपनियों पर बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण आने वाले समय में कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।
दिसंबर में क्यों बढ़ रहा है तेल कंपनियों का नुकसान?
घरेलू LPG सिलेंडर पर तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी लगातार बढ़ रही है। सितंबर 2026 में यह नुकसान 184 रुपये प्रति सिलेंडर था, जो अक्टूबर में 229 रुपये और नवंबर में करीब 309 रुपये हो गया। अब दिसंबर में इसके 370 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसकी बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों में बढ़ोतरी है। सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) भी बढ़कर 756 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर गैस की खरीद और आपूर्ति पर पड़ रहा है।
आखिर क्या होती है 370 रुपये की अंडर-रिकवरी?
अंडर-रिकवरी का मतलब है कि किसी उत्पाद को खरीदने और उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में जितना खर्च आता है, उसकी बिक्री से उतनी कम कमाई होना। घरेलू गैस के मामले में तेल कंपनियां वास्तविक लागत से कम कीमत पर सिलेंडर बेच रही हैं। उदाहरण के तौर पर दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपये बताई गई है। कंपनियों की लागत बिक्री मूल्य से करीब 370 रुपये ज्यादा होने का अनुमान है। इस अंतर को फिलहाल तेल कंपनियां खुद वहन कर रही हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा कंपनियों के नुकसान का अनुमान है, उपभोक्ताओं के लिए घोषित नई कीमत नहीं।
BPCL और HPCL को भी करोड़ों का नुकसान
LPG की बढ़ती लागत का असर सिर्फ इंडियन ऑयल पर नहीं पड़ा है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) भी भारी अंडर-रिकवरी का सामना कर रही हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, BPCL ने 17,334.40 करोड़ रुपये और HPCL ने 18,048.82 करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी दर्ज की है। इतनी बड़ी रकम का नुकसान तेल कंपनियों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा रहा है। ऐसे में कंपनियों को राहत देने के लिए सरकारी मदद की जरूरत भी बढ़ सकती है।
क्या दिसंबर में आम लोगों के लिए महंगा होगा गैस सिलेंडर?
तेल कंपनियां फिलहाल घरेलू LPG से होने वाले नुकसान की भरपाई दूसरे कारोबार से होने वाली कमाई के जरिए कर रही हैं। इसे क्रॉस-सब्सिडी कहा जाता है। इसमें कमर्शियल गैस, विमान ईंधन और रिफाइनिंग से मिलने वाले मुनाफे का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा कंपनियां सरकारी मुआवजे पर भी निर्भर रहती हैं। हालांकि, दिसंबर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ेगी या नहीं, इसका फैसला आधिकारिक मूल्य संशोधन के बाद ही स्पष्ट होगा। ऐसे में उपभोक्ताओं को फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी के अनुमान और वास्तविक सरकारी फैसले के बीच अंतर समझना जरूरी है।
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