भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार से पूर्व राज्यसभा सांसद रविंद्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। करीब 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले आरके सिन्हा लंबे समय से बीमार चल रहे थे। ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद से उनकी हालत गंभीर थी और वह लंबे समय तक कोमा में रहे। उनके निधन की खबर सामने आते ही बिहार समेत देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके परिवार ने भी इस दुखद खबर की जानकारी सार्वजनिक की है।
ब्रेन स्ट्रोक के बाद बिगड़ी थी तबीयत, लंबे समय से चल रहा था इलाज
आरके सिन्हा पिछले काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे थे। जनवरी 2025 में उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया था, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और लंबे समय तक उनका इलाज चला। इस दौरान वह कोमा में भी रहे। परिवार के मुताबिक, शुक्रवार को नोएडा स्थित आवास पर उनका निधन हो गया। उनके जाने से परिवार और करीबियों को गहरा सदमा पहुंचा है। परिजनों ने लोगों से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। परिवार की ओर से जारी संदेश में उन्हें अपना अभिभावक बताते हुए इस नुकसान को बेहद दुखद बताया गया है।
जनसंघ से बीजेपी तक का सफर, अटल-आडवाणी के करीबी नेताओं में थी पहचान
रविंद्र किशोर सिन्हा का राजनीतिक सफर जनसंघ के दौर से शुरू हुआ था। वह भारतीय जनता पार्टी के शुरुआती सदस्यों में शामिल रहे और संगठन के विस्तार में अपनी भूमिका निभाई। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी के करीबियों में गिना जाता था। साल 2014 में बीजेपी ने उन्हें बिहार से राज्यसभा भेजा था। वह 2014 से 2020 तक उच्च सदन के सदस्य रहे। राजनीति के अलावा आरके सिन्हा ने कारोबार के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने SIS ग्रुप की स्थापना की थी, जो सुरक्षा और सर्विस से जुड़े कामों के लिए जाना जाता है। इस तरह उन्होंने राजनीतिक और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में लंबा सफर तय किया।
पटना में होंगे अंतिम दर्शन, JDU और बीजेपी नेताओं ने जताया दुख
आरके सिन्हा के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए नोएडा से पटना लाया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। उनके निधन पर बिहार की राजनीति से जुड़े कई नेताओं ने दुख जताया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी करते हुए उनके निधन को राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताया। वहीं, बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रति आरके सिन्हा का समर्पण और उनका मार्गदर्शन हमेशा याद किया जाएगा। नेताओं ने शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत देने की प्रार्थना की है। अब पटना में उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
