बिहार की राजधानी पटना स्थित बापू सभागार में उस समय राजनीतिक तापमान अचानक आसमान छू गया, जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन के दौरान खरगे ने पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हरियाणा समेत कई राज्यों की सरकारों पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें “चोरी की सरकार” और “वोट चोरी वाली सरकार” करार दिया। उनके इस बयान के बाद सभागार में मौजूद लोगों के बीच सुगबुगाहट और हंगामा शुरू हो गया। इसी गहमागहमी के बीच भीड़ से किसी व्यक्ति ने चिल्लाकर टोकते हुए कहा कि “मोदी कभी नहीं जाएगा।” बस फिर क्या था, इस बात पर मंच से तमतमाए खरगे ने अपने आक्रामक अंदाज में ऐसा बयान दे दिया, जिसने देश की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। उन्होंने गरजते हुए माइक पर कहा कि सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस विवादित और आक्रामक बोल का वीडियो सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया, जिसके बाद सियासी गलियारों में घमासान छिड़ गया।
अमित शाह का तीखा पलटवार, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
मल्लिकार्जुन खरगे के इस अमर्यादित बयान के सामने आते ही देश के गृहमंत्री अमित शाह ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक के बाद एक कई तीखे पोस्ट साझा किए। अमित शाह ने अपने पोस्ट में साफ शब्दों में लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने आज पटना की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार और उनके स्वर्गीय पिता के बारे में बेहद अभद्र टिप्पणी करके शालीनता और राजनीतिक मर्यादाओं की सारी हदें पार कर दी हैं। गृहमंत्री ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब कांग्रेस पार्टी के किसी शीर्ष नेता ने देश के प्रधानमंत्री या उनके परिवार पर निजी और स्तरहीन हमले किए हों। इतिहास गवाह है कि इससे पहले भी कई बार कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने पीएम मोदी और उनके परिजनों को निशाना बनाकर राजनीति की निम्न स्तर की मिसाल पेश की है।
लगातार हार से हताश हो चुकी है कांग्रेस: गृह मंत्री
अमित शाह ने अपने बयान में कांग्रेस पार्टी के पुराने इतिहास को याद करते हुए कहा कि सोची-समझी रणनीति के तहत कांग्रेस ने अतीत में पीएम मोदी की पूजनीय माताजी को लेकर भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्हें कभी ‘मौत का सौदागर’ तो कभी ‘चायवाला’ कहकर उनकी गरीबी और साधारण पृष्ठभूमि का खुलेआम उपहास उड़ाया गया था। उन्होंने राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर रोज अभद्रता और नीचे स्तर की बयानबाजी के नए रिकॉर्ड बना रही है। पिछले 12 सालों से लगातार मिल रही करारी चुनावी हार के कारण कांग्रेस में हताशा और निराशा इस कदर घर कर चुकी है कि अब उनके पास न तो कोई ठोस नीति बची है और न ही जनता से जुड़ा कोई वास्तविक मुद्दा। पार्टी के पास अब केवल ‘गाली-गलौज’ की राजनीति ही शेष रह गई है, और जनता के बीच अपना जनाधार पूरी तरह खो चुकी कांग्रेस अब अपने ही कार्यकर्ताओं के बीच भी अपनी पकड़ खोती जा रही है।
बयानबाजी के बाद गरमाया बिहार और देश का राजनीतिक माहौल
गृहमंत्री अमित शाह ने अंत में इस बात पर भी जोर दिया कि जब-जब कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनके परिवार पर इस प्रकार की घृणित और ओछी टिप्पणियां की हैं, तब-तब देश की जागरूक जनता ने चुनाव में मतदान के जरिए कांग्रेस को बेहद करारा जवाब दिया है। इस ताज़ा विवादित बयान के सामने आने के बाद बीजेपी के तमाम बड़े नेता और कार्यकर्ता मुखर होकर कांग्रेस के खिलाफ सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक मोर्चा खोल चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह बयान चुनाव प्रचार और राजनीतिक मंचों पर एक बड़ा मुद्दा बनने वाला है। इस घटना ने एक बार फिर से देश की मुख्यधारा की राजनीति में भाषा की मर्यादा और शालीनता के ह्रास पर एक गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, जिस पर दोनों तरफ से जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है।
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