लखनऊ के बहुचर्चित व्यवसायी शिवा शर्मा हत्याकांड में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की मुख्य आरोपी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे ने पुलिस के हाथ आने के बजाय अब लखनऊ कोर्ट में सरेंडर करने के लिए अर्जी दाखिल कर दी है। कोर्ट में आवेदन दिए जाने की इस खबर के सामने आने के बाद से एक तरफ जहां कानून के शिकंजे में कसने की सुगबुगाहट तेज हो गई है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। पुलिस महकमे की लाख कोशिशों और दबिश के बावजूद आरोपी का कोर्ट तक पहुंच जाना कई अनसुने रहस्यों की तरफ इशारा करता है।
नेपाल भागने से लेकर यूपी वापसी तक, पुलिस ढूंढती रह गई
घटना के बाद से ही श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस ने इन सभी पर पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। शुरुआती जांच और वायरल तस्वीरों के मुताबिक, गैर-जमानती वारंट जारी होने के डर से श्रद्धा नेपाल भाग गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि नेपाल से वापस उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल होने और वकीलों के जरिए कानूनी पैंतरे अपनाने के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस के हाथ खाली रह जाना और आरोपी का खुद अदालत की शरण में जाने का प्रयास करना कानून व्यवस्था की सुस्ती को साफ उजागर करता है।
लिव-इन रिलेशनशिप, चौथी मंजिल से संदिग्ध मौत और रसूख के चर्चे
यह पूरा मामला बीते 9 अक्टूबर 2026 का है, जब हजरतगंज के पॉश इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर व्यवसायी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक व्यापारी की मां ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर पर सीधे तौर पर हत्या का संगीन आरोप लगाया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शिवा और श्रद्धा लंबे समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। मॉडलिंग की दुनिया और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली श्रद्धा के रसूख और कथित पहुंच को लेकर भी शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, श्रद्धा ने अपने हालिया वीडियो जारी कर इन तमाम कनेक्शनों को खारिज किया था और इस पूरी घटना को आत्महत्या करार दिया था।
अब आगे क्या? बिना गिरफ्तारी के अनसुलझी रहेंगी कई परतें
फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की गुत्थी उलझती चली जा रही है। जब तक पुलिस मुख्य आरोपी को अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं करती, तब तक शिवा शर्मा की मौत एक गहरा राज बनी रहेगी। क्या श्रद्धा का कोर्ट में सरेंडर करना उसकी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है या फिर पुलिस का ढीला रवैया इस मामले में आरोपियों के लिए ढाल बन रहा है, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। इस पूरे प्रकरण में जो भी सच है, वह पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद ही सामने आ सकेगा, तब तक जनता के बीच यह मर्डर मिस्ट्री चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
