Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान इलाके में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए कदम उठाने की बात कही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। साथ ही, घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस घटना के बाद प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
25 लाख रुपये की मदद और सरकारी नौकरी का ऐलान
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। घोषित सहायता के तहत मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का कहना है कि पीड़ितों को राहत पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है।
हादसे की जांच होगी, जिम्मेदारी तय करने पर जोर
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ कैसे हुई और भीड़ अचानक बेकाबू क्यों हुई, इसकी जांच कराने की घोषणा भी की गई है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हादसे को लेकर दुख जताया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात भी की। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में राहत एवं इलाज से जुड़े इंतजामों की जानकारी ली गई। जांच के जरिए दुर्घटना के कारणों का पता लगाने और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया जा रहा है।
पीड़ितों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
हादसे के बाद प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की सहायता के लिए राज्य सरकार की ओर से टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 345 5678 जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। जरूरतमंद लोग इस नंबर के माध्यम से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घायलों और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। अब लोगों की नजर जांच की रिपोर्ट और सरकार की ओर से घोषित सहायता के क्रियान्वयन पर टिकी है।
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