कोलकाता के प्रसिद्ध चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में महासप्तमी की शाम उस वक्त कोहराम मच गया जब भारी भीड़ के दबाव के कारण पंडाल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में 17 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सप्तमी का पर्व होने के कारण पंडाल में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था। अचानक हुए इस हादसे से वहां अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे स्थिति और अधिक भयावह हो गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे कई बुजुर्ग और बच्चे भीड़ के नीचे दब गए।
राहत और बचाव कार्य जारी, घायलों को भेजा गया अस्पताल
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया ताकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। घटना से प्रभावित गंभीर रूप से घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। वहीं, पूजा आयोजकों ने भी त्वरित सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को संभालने और प्रशासन की मदद करने के लिए जरूरी कदम उठाए। फिलहाल प्रशासन यह जांच कर रहा है कि पंडाल के गिरने का मुख्य तकनीकी कारण क्या था।
ममता बनर्जी ने जताया गहरा शोक, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना
इस हृदयविदारक घटना पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि चोरबागान पूजा पंडाल में हुई इस दुर्घटना और भगदड़ के बारे में जानकर उन्हें गहरा सदमा लगा है। ममता बनर्जी ने मां दुर्गा से प्रार्थना की है कि सभी घायल लोग जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं और इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को भगवान शक्ति और साहस प्रदान करें। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस दुर्घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए पीड़ितों की हरसंभव मदद करने की बात कही है।
सुरक्षा व्यवस्था और आयोजनों पर उठे सवाल, प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
इस भीषण हादसे के बाद दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। त्योहारों के सीजन में लाखों की संख्या में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम होने के बावजूद इस तरह की लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाती है। प्रशासन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस और आपदा विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से घटनास्थल का जायजा ले रहे हैं ताकि हादसे के असली कारणों की तह तक पहुंचा जा सके।
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